कृषि शोध सेरा (CeRA) रिजनल अम्बेस्डर विषय पर एकदिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन

6 अक्तूबर, 2018, उदयपुर

कृषि शोध जे-गेट (CeRA) रिजनल अम्बेस्डर कार्यक्रम विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अनुसंधान निदेशालय में किया गया। कार्यशाला का आयोजन कृषि ज्ञान प्रबंध निदेशालय, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के द्वारा भारत के पश्चिम क्षेत्र के रिजनल अम्बेस्डर के लिए हुआ। कार्यशाला के मुख्य अतिथि डा. पी. के. दशोरा, पूर्व कुलपति, कोटा विश्वविद्यालय एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता डा. उमा शंकर शर्मा, कुलपति, महाराणा प्रताप कृषि विश्वविद्यालय, उदयपुर ने की।

कार्यशाला के मुख्य अतिथि डा. पी. के. दशोरा, पूर्व कुलपति, कोटा विश्वविद्यालय ने बताया कि वर्तमान समय में ज्ञान प्राप्त करने के लिए इंटरनेट पर ऑनलाइन विषय सामग्री आसानी से एवं बहुतायत  में उपलब्ध है। विद्यार्थियो तथा अध्यापकों की ऑनलाइन विषय सामग्री प्राप्त करने में कार्यदक्षता बढ़ाने के लिए ऑनलाइन जर्नल का ज्ञान आवश्यक है।

इस कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. उमा शंकर शर्मा ने कहा कि भारत के समस्त कृषि विश्वविद्यालयों में उच्च स्तर पर शोध कार्य हो रहा है परंतु शोधकर्त्ताओं के प्रकाशनों की गुणवत्ता में सुधार लाने की जरूरत है। उन्होंने वैज्ञानिकों को परामर्श दिया कि वे अपने शोध प्रकाशनों की विषय सूची एवं लेखन पद्धति की गुणवत्ता पर ध्यान दें ताकि उनके प्रकाशन अंतरराष्ट्रीय स्तर की शोध पत्रिकाओं में अधिक से अधिक प्रकाशित हो सकें।

सेरा (CeRA) के प्रभारी श्री एस. के. जोशी ने कहा कि CeRA के अंतर्गत नये-नये ई-रिर्सोसेस का समावेश किया गया है जो कि कृषि में किये जाने वाले अनुसंधान पर आधारित है। साथ ही उन्होंने निकट भविष्य में सेरा में जाने-माने प्रकाशकों के उच्च गुणवत्ता वाले और भी ऑनलाइन संसाधनों एवं पठन सामग्री उपलब्ध करवाये जाने की बात कही। विश्वविद्यालय के नोडल अधिकारी डा. लोकेश गुप्ता ने जानकारी दी कि भारत के पश्चिम क्षेत्र के राज्यों के कृषि विश्वविद्यालयों के पुस्तकालयध्यक्ष व सेरा के 35 नोडल अधिकारी, विश्वविद्यालय के 48 वैज्ञानिकों एवं 42 स्नातकोत्तर विद्यार्थियों ने कार्यशाला में भाग लिया। श्री संजय ग्रोवर, सीईओ, इन्फोमेटिक्स पब्लिशिंग लिमिटेड, बेंगलुरु ने कार्यक्रम की रूपरेखा के बारे में तथा कृषि की ऑनलाइन जर्नल की इन्फोर्मेशन प्राप्त करने और विषय में इसकी उपयोगिता के बारे में बताया।