मानव संसाधन के साथ ही पशुधन हमारे देश की बड़ी ताकत – श्री नरेंद्र सिंह तोमर

केन्द्रीय मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर द्वारा लम्पी स्किन रोग के स्वदेशी टीके का लोकार्पण

10 अगस्त, 2022, नई दिल्ली

श्री नरेंद्र सिंह तोमर, केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री, भारत सरकार ने आज भाकृअनुप-राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केन्द्र, हिसार, हरियाणा एवं भाकृअनुप-पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान, इज्जतनगर बरेली के सहयोग से तैयार लम्पी स्किन रोग की स्वदेशी वैक्सीन लंपी-प्रो वेक (आईएनडी) ( Lumpi-Pro Vac, Ind) राष्ट्र को समर्पित किया। श्री तोमर ने इस वैक्सीन को लम्पी बीमारी के निदान के लिए मील का पत्थर बताते हुए कहा कि मानव संसाधन के साथ ही पशुधन हमारे देश की बड़ी ताकत है, जिन्हें बचाना हमारा दायित्व है। उन्होंने कहा मानव संसाधन के साथ-साथ पशु संसाधन हमारे देश की ताकत है। श्री तोमर ने अश्व अनुसंधान केन्द्र व पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों को बधाई दी जिसके प्रयासों से लम्पी रोग के टीके को विकसित किया गया है। उन्होंने संबन्धित अधिकारियों को निर्देश दिया कि पशुओं को राहत के लिए यह वैक्सीन जल्द से जल्द बड़ी तादाद में मुहैया कराई जाएं। श्री तोमर ने कहा कि, पहले भी, श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कोरोना से बचाव के लिए हमारे वैज्ञानिकों ने वैक्सीन विकसित की, जिससे पुरे देश के साथ अन्य देशों के निवासियों को काफी लाभ हुआ।

 

श्री परषोत्तम रूपाला, केन्द्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री, भारत सरकार ने कहा कि स्वदेशी रूप से विकसित यह टीका देश की गरिमा को बढ़ाया है। उन्होंने कहा अब इस टीके के उत्पादन को बढ़ाने पर कार्य करने की जरूरत है।

श्री कैलाश चौधरी, केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री, भारत सरकार ने कहा कि  लम्पी  रोग ने राजस्थान में काफी तबाही मचाई है। इस अकाल मृत्यु को रोकने के लिए स्वदेशी निर्मित यह टीका काफी कारगर साबित होने वाला है।

श्री हिमांशु पाठक, सचिव (डेयर) महानिदेशक (भाकृअनुप) ने कहा कि लम्पी रोग की पहचान सर्वप्रथम 2019 में की गई, उस समय से टीके के विकास पर कार्य प्रारम्भ किया गया। अब इस स्वदेशी टीके को पशुपालक किसानों तक पहुंचाना है, जिससे तीस करोड़ से अधिक पशुधन को रोगों से बचाया जा सके।

इस अवसर पर, डॉ. डी.एन. त्रिपाठी, उप-महानिदेशक (भाकृअनुप) एवं श्री जतिंद्रनाथ स्वेन, सचिव, केन्द्रीय पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय, भारत सरकार उपस्थित थे।

डॉ. अशोक कुमार सिंह, सहायक महानिदेशक (पशु स्वास्थ्य), भाकृअनुप द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया।

एलएसडी एक विषाणु जनित रोग है, यह विषाणु कैप्री पॉक्स परिवार का सदस्य है एवं भेड़/बकरी पॉक्स से अनुवंशिक रूप से काफी समान है। वर्तमान में यह रोग पूरे देश में भयंकर महामारी का रूप ले चुका है तथा गायों की अकाल मृत्यु का मुख्य कारण बन रहा है।

(स्रोतः भाकृअनुप-भारतीय कृषि ज्ञान प्रबंध निदेशालय, नई दिल्ली)