कृषि को आत्मनिर्भर बनाने में महिला किसानों की भूमिका महत्त्वपूर्ण: श्री परषोत्तम रूपाला

स्त्री के बिना सभ्य समाज की कल्पना नहीं की जा सकती: श्री कैलाश चौधरी

8 मार्च, 2021, नई दिल्ली

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली ने आभासी तौर पर आज 'अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस - 2021' मनाया।

श्री परषोत्तम रूपाला, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री ने कहा कि मानव जीवन के विभिन्न मोर्चों पर महिलाओं के महत्त्वपूर्ण योगदान का सम्मान करने के लिए अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का आयोजन किया जाता है। उन्होंने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं पर भी प्रकाश डाला जिनका उद्देश्य जीवन के हर पहलू में महिलाओं को सशक्त बनाना है। श्री रूपाला ने जोर देते हुए कहा कि विज्ञान, राजनीति, अभियांत्रिकी, चिकित्सा, खेल, कला, फौज और कृषि आदि तमाम क्षेत्रों में #नारीशक्ति पुरुषों के कंधे-से-कंधा मिलाकर काम कर रही हैं। मंत्री ने कहा कि महिला किसानों और उद्यमियों को भाकृअनुप द्वारा सम्मानित करने का कदम सराहनीय है।

  Contribution of Women Farmers is pivotal in making Indian Agriculture Atmanirbhar!: Shri Parshottam Rupala

श्री कैलाश चौधरी, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री ने कहा कि कृषि सहित समाज के हर क्षेत्र में महिलाओं का योगदान सराहनीय है। मंत्री ने कहा कि देश को उन पर गर्व है। श्री चौधरी ने प्रधानमंत्री की 'बेटी बचाओ, बेटी पढाओ' जैसी महिला केंद्रित लाभकारी योजनाओं को रेखांकित करते हुए कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य उन्हें विभिन्न मोर्चों पर सशक्त बनाना है ताकि उन्हें सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन जीने में मदद मिल सके। मंत्री ने जोर देते हुए कहा कि किसानों की दोगुनी आय के उद्देश्य को पूरा करने में महिलाओं की भूमिका निर्णायक साबित होगी।

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डॉ. त्रिलोचन महापात्र, सचिव (कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग) एवं महानिदेशक (भा.कृ.अनु.प.) ने कहा कि कृषि क्षेत्र को समृद्ध बनाने में महिलाओं का योगदान महत्त्वपूर्ण है। महानिदेशक ने कहा कि परिषद कृषि क्षेत्रों में महिला नेतृत्व का निर्माण करने के लिए प्रतिबद्ध है। डॉ. महापात्र ने माना कि महिलाएँ भारतीय कृषि की रीढ़ हैं।

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श्रीमती अर्चना चिटनिस, विधायक, मध्य प्रदेश ने जोर देकर कहा कि महिलाएँ जीवन के हर क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएँ समाज की वास्तविक मशाल वाहक हैं। श्रीमती चिटनिस ने कृषि में शामिल महिलाओं का पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने सहित उनके लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने पर जोर दिया।

डॉ. अशोक कुमार सिंह, उप महानिदेशक (कृषि विस्तार), भाकृअनुप ने इससे पहले अपने स्वागत संबोधन में कृषि-पद्धतियों में महिलाओं के अभूतपूर्व योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 के लिए संयुक्त राष्ट्र द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का थीम - 'वूमेन इन लीडरशिप: एचिविंग एन इक्वल फ्यूचर इन अ कोविड-19 वर्ल्ड' है, जबकि परिषद ने कृषि में महिलाओं की भूमिका को स्वीकार करते हुए उनके सम्मान के लिए अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का विषय ‘कृषि में महिला नेतृत्व: उद्यमिता, समानता और सशक्तिकरण" रखा है। डॉ. सिंह ने पारिवारिक स्तर से लेकर सामाजिक स्तर और कार्य-स्थलों तक महिलाओं की बराबर भागीदारी, लैंगिक समानता और समान भुगतान को लेकर जागरूकता कार्यक्रम चलाने की जरूरत पर ज़ोर दिया।

इस अवसर पर कृषि में अद्वितीय योगदान के लिए विभिन्न महिला किसानों तथा महिला उद्यमियों को सम्मानित भी किया गया।

इस मौके पर महिला किसानों के सफलता की गाथाओं से प्रेरित प्रकाशनों का विमोचन भी किया गया।

परिषद के उप महानिदेशकों तथा अतिरिक्त महानिदेशकों, राज्य कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, कृषि विज्ञान केंद्र और भाकृअनुप-संस्थानों के प्रमुखों ने भी इस कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज की।  

(स्रोत: भाकृअनुप-कृषि ज्ञान प्रबंध निदेशालय, नई दिल्ली)