खरीफ – 2021 पर राष्ट्रीय समूह की बैठक का हुआ आयोजन

1-2 जून, 2021, झाँसी

भाकृअनुप-अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (चारा फसलें एवं उपयोगिता) झाँसी, उत्तर प्रदेश ने 1 से 2 जून, 2021 तक 'खरीफ-2021 पर राष्ट्रीय समूह की बैठक' का आयोजन किया।

डॉ. तिलक राज शर्मा, उप महानिदेशक (फसल विज्ञान), भाकृअनुप ने अपने उद्घाटन संबोधन में पोषक तत्त्वों से भरपूर और जैव-फोर्टिफाइड चारे की किस्मों को विकसित करने के लिए जैव-प्रौद्योगिकी उपकरणों के अनुप्रयोग पर जोर दिया। उप महानिदेशक के संबोधन में अंतरिक्ष विभाग और आईआईटी के सहयोग से जीआईएस और रिमोट सेंसिंग तकनीकों का उपयोग करते हुए घास के मैदानों की चारा फसल के रकबे की मानचित्रण पर जोर दिया गया।

डॉ. शर्मा ने बीज उत्पादन और कटाई उपरांत प्रबंधन में सुधार के लिए सार्वजनिक निजी भागीदारी पर जोर दिया। उन्होंने सभी हितधारकों के बीच अधिक सामंजस्यपूर्ण बातचीत, विभिन्न लक्षणों के लिए जर्मप्लाज्म के मूल्यांकन और प्रजनन कार्यक्रमों के लिए मूल के सावधानीपूर्वक चयन पर जोर दिया।

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National Group Meeting on Kharif - 2021 organized

डॉ. वाई. पी. सिंह, अतिरिक्त महानिदेशक (एफएफसी), भाकृअनुप ने देश में बारहमासी घास के क्षेत्र, उत्पादन और उत्पादकता में विस्तार पर जोर दिया। उन्होंने मंदी की अवधि के दौरान चारे की कमी को कम करने के लिए चारा फसलों में कटाई उपरांत प्रसंस्करण के लिए प्रौद्योगिकियों के अनुकूलन पर भी जोर दिया।

डॉ अमरेश चंद्र, निदेशक, भाकृअनुप-आईजीएफआरआई, झाँसी ने बेहतर चारा उत्पादन के लिए चारा बीज हब, जैव प्रौद्योगिकी उपकरणों के उपयोग, बीज जीव विज्ञान और उपजाऊ बीएक्सएन हाइब्रिड पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता का सुझाव दिया।

इस अवसर पर लगभग 7 प्रकाशनों का विमोचन भी किया गया।

इस अवसर के दौरान किस्म पहचान समिति की बैठक में दक्षिणी क्षेत्र में रिलीज के लिए चारा बाजरा की 3 और पूर्वी और उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों के लिए चारा लोबिया की 1 सहित लगभग 4 किस्मों की पहचान की गई।

देश के विभिन्न हिस्सों से 140 से अधिक प्रतिभागियों ने आभासी तौर पर बैठक में भाग लिया।

(स्रोत: परियोजना समन्वय इकाई, भाकृअनुप-अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (चारा फसलें एवं उपयोगिता), भाकृअनुप-आईजीएफआरआई, झाँसी, उत्तर प्रदेश)