नारी (एनएआरआई) परियोजना पर आभासी समीक्षा कार्यशाला का हुआ आयोजन

7-8 अप्रैल, 2021, कानपुर

भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, कानपुर, उत्तर प्रदेश ने 7 से 8 अप्रैल, 2021 तक ‘नारी (पोषक-संवेदनशील कृषि संसाधन और नवाचार) परियोजना’ की समीक्षा कार्यशाला का आयोजन किया।

डॉ. अशोक कुमार सिंह, उप महानिदेशक (कृषि विस्तार), भाकृअनुप ने सही पोषण के लिए जागरूकता पैदा करने पर जोर दिया। डॉ. सिंह ने महिला केंद्रित कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं को सही पोषण के बारे में जागरूक करने पर जोर दिया। स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले सबसे महत्त्वपूर्ण कारकों में से एक के रूप में जलवायु परिवर्तन पर बल देते हुए उन्होंने प्रत्येक कृषि विज्ञान केंद्र में कम से कम एक न्यूट्री-गार्डन स्थापित करने का आग्रह किया।

Virtual Review Workshop on NARI Project organized  Virtual Review Workshop on NARI Project organized

डॉ. सिंह ने केवीके को करीब 100 आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने और उन्हें मास्टर ट्रेनर के रूप में विकसित करने का सुझाव दिया। उन्होंने आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से न्यूट्री-गार्डन विकसित करने के लिए 10 आँगनवाड़ी केंद्रों की पहचान करने की भी राय दी। उपमहानिदेशक ने जिले में मिट्टी, पानी व पशुओं आदि में पोषक तत्त्वों की कमी को पहचानने पर जोर दिया। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित दिशा में किए गए कार्यों की दृश्यता को दर्शाने के लिए नारी परियोजना के प्रलेखन का आग्रह किया।

डॉ. अतर सिंह, निदेशक, भाकृअनुप-अटारी, कानपुर ने देश में कुपोषण को खत्म करने के लिए नारी परियोजना के महत्त्व को रेखांकित किया। उन्होंने केवीके से फसलों की मजबूत किस्मों एवं नई प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन करने और स्थानीय महिलाओं को सब्जियों एवं फलों की साल भर उपलब्धता के लिए न्यूट्री-गार्डन में उगाए गए उत्पादों के बारे में अवगत कराया।

कार्यशाला में सभी केवीके के 100 से अधिक केवीके प्रमुखों और गृह वैज्ञानिकों ने भाग लिया।

(स्त्रोत: भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, कानपुर, उत्तर प्रदेश)