प्रभुपारा में प्रथम सजावटी मत्स्यपालन क्षेत्र स्कूल का हुआ उद्घाटन

7 फरवरी, 2021, जलपाईगुड़ी, पश्चिम बंगाल

श्री सागर मेहरा, संयुक्त सचिव (अंतर्देशीय मत्स्य और प्रशासन), मत्स्य पालन विभाग, मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय, भारत सरकार ने आज भाकृअनुप-केंद्रीय मीठाजल जीवपालन अनुसंधान संस्थान, भुवनेश्वर, ओडिशा के 'सजावटी मत्स्य किसान क्षेत्र स्कूल' का उद्घाटन किया। प्रभुपारा गाँव, सदर प्रखंड, जलपाईगुड़ी, पश्चिम बंगाल के श्री भागीरथ रॉय के मछली फार्म में फील्ड स्कूल को स्थापित किया गया है।

First Ornamental Aquaculture Field School inaugurated at Prabhupara

अपने उद्घाटन भाषण में, श्री मेहरा ने सुदूर उत्तर बंगाल के किसानों को वैज्ञानिक जल कृषि प्रणाली को अपनाने में मदद करने के लिए संस्थान के प्रयासों की सराहना की।

डॉ. एस. के. स्वैन, निदेशक, भाकृअनुप-सिफा, भुवनेश्वर, ओडिशा ने किसानों से सजावटी मत्स्य पालन के लिए आग्रह किया। उन्होंने ओडिशा, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ में संस्थान द्वारा संचालित एएफएफएस की लोकप्रियता के बारे में भी प्रकाश डाला।

First Ornamental Aquaculture Field School inaugurated at Prabhupara

यह एक अनोखा किसान फील्ड स्कूल है जिसे भाकृअनुप-सिफा के वैज्ञानिकों के एक समूह द्वारा किसानों के सीखने और देश में पहली बार सजावटी मछली संस्कृति तकनीक के प्रसार के लिए स्थापित किया गया है।

इस स्कूल के जरिए उत्तरी बंगाल के आस-पास के 20 गाँवों में 500 से अधिक सजावटी मछली किसानों को सशक्त बनाने की परिकल्पना की गई है, जो विस्तार और सलाहकार सेवाओं के वितरण में बहुत योगदान देंगे।

इस अवसर पर अनुसूचित जाति के लगभग 50 किसानों को सजावटी मछली बीज (स्वोर्ड टेल, रेडकैप, मौली, सोने की मछली आदि) का पैकेट वितरित किया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में 120 किसानों और महिला किसानों द्वारा कुल भागीदारी दर्ज की गई।

(स्रोत: भाकृअनुप-केंद्रीय मीठाजल जीवपालन अनुसंधान संस्थान, भुवनेश्वर, ओडिशा)