भाकृअनुप-आईआईएसडब्ल्यूसी, देहरादून ने पेट्रोलियम एवं ऊर्जा अध्ययन विश्वविद्यालय, देहरादून के साथ समझौता ज्ञापन पर किया हस्ताक्षर

15 जून, 2021, देहरादून

भाकृअनुप-भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान, देहरादून, उत्तराखंड ने जंगली पशुओं से कृषि क्षेत्र की सुरक्षा के मद्देनजर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) आधारित समाधान के लिए पेट्रोलियम एवं ऊर्जा अध्ययन विश्वविद्यालय (यूपीईएस), देहरादून, उत्तराखंड के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया।

डॉ. एम. मधु, निदेशक, भाकृअनुप-आईआईएसडब्ल्यूसी और डॉ. वीना दत्ता, कुलसचिव, यूपीईएस, देहरादून ने अपने-अपने संगठनों की ओर से समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया।

ICAR-IISWC, Dehradun signs MoU with  University of Petroleum and Energy Studies, Dehradun

समझौता ज्ञापन के अनुसार, दोनों संगठन जंगली पशुओं से फसल संरक्षण के लिए लागत प्रभावी आईओटी समाधान के डिजाइन, विकास, कार्यान्वयन और विश्लेषण हेतु एक सहयोगी परियोजना शुरू करने तथा पशुओं की पहचान करने, निगरानी व दूर भगाने के लिए के लिए लंबी दूरी की नियंत्रण कक्ष आधारित प्रणाली बनाने पर सहमत हुए हैं।

दोनों उभरती हुई प्रौद्योगिकियाँ - एआई और आईओटी - पहाड़ियों और मैदानी क्षेत्रों में जंगली जानवरों से फसलों की रक्षा के लिए प्रभावी रूप से व्यावहारिक समाधान प्रदान कर सकती हैं।

इस दौरान दोनों संगठनों के वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

(स्रोत: भाकृअनुप-भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान, देहरादून, उत्तराखंड)