भाकृअनुप-एनआईएएनपी, बेंगलुरु ने मनाया 25वाँ स्थापना दिवस

24 नवंबर, 2020, बेंगलुरु

भाकृअनुप-राष्ट्रीय पशु पोषण एवं शरीर क्रिया विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु ने आज अपना रजत जयंती स्थापना दिवस मनाने के लिए एक वेबिनार का आयोजन किया।

ICAR-NIANP, Bengaluru celebrates 25th Foundation Day

डॉ. त्रिलोचन महापात्र, सचिव (कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग) एवं महानिदेशक (भा.कृ.अनु.प.) ने प्रौद्योगिकी, उत्पाद और पेटेंट के मामले में उपलब्धियों के लिए संस्थान की सराहना की। महानिदेशक ने अनुसंधान के निष्कर्षों को व्यवहार्य प्रौद्योगिकियों में बदलने और 'अनुसंधान में वैश्विक मानदंड' स्थापित करने पर भी जोर दिया। डॉ. महापात्र ने संस्थान में प्रयोगशाला पशु अनुसंधान केंद्र (सीएलएआर) सुविधा को देश में जैव उपलब्धता अध्ययन के लिए मान्यता प्राप्त केंद्र के रूप में बनाने का आग्रह किया।

डॉ. बी. एन. त्रिपाठी, उप महानिदेशक (पशु विज्ञान), भाकृअनुप संस्थान के उत्कृष्ट कार्य के लिए बधाई देते हुए चारा-संसाधनों पर काम को आगे बढ़ाने और क्षेत्र की परिस्थितियों में पशुधन प्रजनन की चुनौतियों से निपटने की सलाह दी।

प्रो रतन लाल, विश्व खाद्य पुरस्कार – 2020 के प्राप्तकर्ता ने अपने स्थापना दिवस व्याख्यान “भारत में जलवायु-स्मार्ट कृषि के लिए फसलों और पेड़ों के साथ पशुधन को एकीकृत करने”  में पशु कृषि को बनाए रखने के लिए एकीकृत दृष्टिकोण के महत्त्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने देश के सबसे अमीर पशु आनुवंशिक संसाधनों पर भी जोर दिया जो भविष्य के उत्पादन जीविका के लिए अवसर प्रदान करते हैं। प्रो लाल ने देश में गैर-उत्पादक पशुओं को कम करने के महत्व पर जोर दिया और उत्पादक पशुओं की एक छोटी संख्या के साथ आवश्यकता को पूरा करने के लिए अनुसंधान के प्रयासों को उन्मुख बनाने पर जोर दिया।

इससे पहले, डॉ. राघवेंद्र भट्टा, निदेशक, भाकृअनुप-एनआईएएनपी, बेंगलुरु ने संस्थान के कर्मचारियों को कोविड-19 महामारी लॉकडाउन अवधि के दौरान सुचारू कामकाज व उनके योगदान के लिए पुरस्कारों से सम्मानित किया।    

भाकृअनुप-संस्थानों और राज्य कृषि विश्वविद्यालयों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी वेबिनार में आभासी तौर पर भाग लिया।

(स्रोत: भाकृअनुप-राष्ट्रीय पशु पोषण एवं शरीर क्रिया विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु)