भाकृअनुप-एनआरसीसी ने ग्रामीण अंचल में मनाया महिला किसान दिवस

15 अक्तूबर, 2020, बीकानेर

भाकृअनुप-राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र, बीकानेर ने आज जिले के नापासर गाँव में महिला किसान दिवस का आयोजन किया। इस कार्यक्रम के अवसर पर पशुपालन में महिला कृषक की सहभागिता विषयक एक परिचर्चा भी आयोजित की गई, जिसमें गाँव की लगभग 50 महिलाओं ने केंद्र के वैज्ञानिक एवं अधिकारियों साथ सक्रिय रूप से भाग लिया।

डॉ. आर. के. सावल, निदेशक, भाकृअनुप-एनआरसीसी ने पशु व्यवसाय को संबल बनाने में महिला कृषकों की विशेष भूमिका का उद्धरण देते हुए कहा, देश के सकल घरेलू उत्पाद में इस प्रदेश के पशुधन का महत्त्वपूर्ण योगदान है। डॉ. सावल ने महिलाओं को पशुओं के रख-रखाव, दुग्ध उत्पादन, आहार-दाना, स्वास्थ्य, खाद आदि विभिन्न पहलुओं से जुड़ी महत्त्वपूर्ण जानकारी दी। सामूहिक प्रशिक्षण पर ज़ोर देते हुए पारंपरिक कृषि उत्पाद बनाने तथा आधुनिक तकनीकी जानकारी प्राप्त करने के लिए उन्होंने महिला कृषकों से भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे कृषि दर्शन जैसे ज्ञानवर्धक कार्यक्रम को नियमित तौर पर देखने की अपील की, ताकि वे इनमें प्रदत्त जानकारी से पशुओं का भली-भाँति रख-रखाव कर अधिक उत्पादन व आमदनी प्राप्त कर सके। 

डॉ. काशीनाथ, पशु चिकित्सक, भाकृअनुप-एनआरसीसी ने पशुओं में होने वाले विभिन्न रोगों, जैसे-गलाघोंटू, पशु के फिरने (रीपिट ब्रीडिंग), मुँहपका-खुरपका के साथ-साथ थनैला रोग पर विस्तृत जानकारी दी।

श्रीमती सरला देवी, संरपच, नापासर गाँव ने बतौर मुख्य अतिथि ऐसे आयोजनों को अत्यंत महत्त्वपूर्ण बताते हुए भावी समय में भी कृषि एवं पशुधन से जुड़े कार्यक्रमों-आयोजनों की केंद्र से अपेक्षा जताईं।

श्रीमती मंजू देवी, उप-सरपंच, नापासर गाँव ने बतौर विशिष्‍ट अतिथि इस आयोजन के लिए एनआरसीसी का आभार व्यक्त किया।

केंद्र द्वारा इस अवसर पर कोविड-19 से बचाव हेतु सैनेटाईजिंग एवं मास्क वितरित किए गए। साथ ही महिला प्रतिभागियों को ऊँटनी के दूध से बनी खीर भी वितरित की गई।

इस अवसर पर पंचायत के गणमान्य व्यक्तियों सहित किसानों ने अपनी उपस्थिति दर्ज की।

(स्त्रोत: भाकृअनुप-राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र, बीकानेर)