भाकृअनुप-एनबीपीजीआर ने जर्मप्लाज्म विविधता दिवस – 2021 का किया आयोजन

20 फरवरी, 2021, नई दिल्ली

भाकृअनुप-राष्ट्रीय पादप आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो, नई दिल्ली ने आज भाकृअनुप-एनबीपीजीआर, इस्सापुर, नई दिल्ली में जर्मप्लाज्म विविधता दिवस – 2021 का आयोजन किया।

डॉ. तिलक राज शर्मा, उप महानिदेशक (फसल विज्ञान), भाकृअनुप ने भारतीय प्रजनन कार्यक्रम में सीडब्ल्यूआर (फसल जंगली रिश्तेदारों) एवं भूमि प्रजाति का उपयोग करने और जर्मप्लाज्म के बेहतर उपयोग के लिए फसल आधारित संस्थानों के साथ सहयोगात्मक संबंध स्थापित करने पर जोर दिया। संबंधित वैज्ञानिकों और प्रतिभागियों के साथ अपनी बातचीत के दौरान, डॉ. शर्मा ने बड़े पैमाने पर जर्मप्लाज्म विशेषीकरण और उपोष्णकटिबंधीय एवं अर्ध शुष्क क्षेत्रों में छोटे फलों और बहुउद्देश्यीय वृक्ष प्रजातियों के क्षेत्र जीन भंडार की स्थापना के लिए ब्यूरो के प्रयासों की सराहना की।

डॉ. कुलदीप सिंह, निदेशक, भाकृअनुप-एनबीपीजीआर, नई दिल्ली ने अपने संबोधन में डिजिटल फील्ड बुक और ड्रोन सहित आधुनिक फेनोटाइपिंग टूल्स का इस्तेमाल करने पर जोर दिया ताकि समयबद्ध तरीके से बड़े पैमाने पर विशेषीकृत आँकड़े तैयार किए जा सकें।

डॉ. अशोक कुमार, प्रमुख (जर्मप्लाज्म इवैल्यूएशन डिवीजन), भाकृअनुप-एनबीपीजीआर, नई दिल्ली ने इससे पहले स्वागत संबोधन में इस्सापुर फार्म में की जा रही जर्मप्लाज्म गतिविधियों को रेखांकित किया। उन्होंने विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से जर्मप्लाज्म के बड़े पैमाने पर विशेषीकरण को भी रेखांकित किया।

इस अवसर पर आईसीएआर-आईएआरआई, आईसीएआर-आईआईपीआर, आईसीएआर-आईआईडब्ल्यूबीआर, आईसीएआर-सीएसएसआरआई, बिसा, पीएयू और आईसीएआर-एनबीपीजीआर से संबंधित फसल विशेषज्ञों को विभिन्न क्षेत्र फसलों के लगभग 10,000 जर्मप्लाज्म एक्सेसन्स दिखाए गए।

(स्रोत: भाकृअनुप-राष्ट्रीय पादप आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो, नई दिल्ली)