भाकृअनुप-डीडब्ल्यूआर ने मनाया 33वाँ स्थापना दिवस

22 अप्रैल, 2021, जबलपुर

भाकृअनुप-खरपतवार अनुसंधान निदेशालय, जबलपुर, मध्य प्रदेश ने आज अपना ‘33वाँ स्थापना दिवस’ मनाया।

डॉ. सुरेश कुमार चौधरी, उप महानिदेशक (प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन), भाकृअनुप ने बतौर मुख्य अतिथि अपने उद्घाटन संबोधन में आगामी चुनौतियों का सामना करने के लिए निदेशालय के अनुसंधान पहलों की सराहना की।

डॉ. एस भास्कर, अतिरिक्त महानिदेशक (एएएफ और सीसी), भाकृअनुप और डॉ. ए. के. गोगोई, पूर्व अतिरिक्त महानिदेशक (कृषि-विज्ञान), भाकृअनुप ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए आर्थिक खरपतवार प्रबंधन तकनीकों के विकास के लिए निदेशालय के सराहनीय कार्यों और प्रयासों की सराहना की।

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डॉ. आर. के. मलिक, प्रसिद्ध खरपतवार वैज्ञानिक व वरिष्ठ कृषि विशेषज्ञ, सीआईएमएमवाईटी ने अपने स्थापना दिवस व्याख्यान में देश में खरपतवार विज्ञान अनुसंधान की ऐतिहासिक प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने फलारिस माइनर का प्रबंधन करने, खरपतवार में शाकनाशी प्रतिरोध के विकास और प्रत्यक्ष बीज वाले चावल में खरपतवार के प्रबंधन के लिए चावल-गेहूँ प्रणाली में शून्य जुताई की शुरुआत को रेखांकित किया। डॉ. मलिक ने आने वाले दिनों में खरपतवारों के प्रबंधन व चुनौतियों का सामना करने के लिए मशीनीकरण की आवश्यकता का भी आग्रह किया।

निदेशालय के पूर्व निदेशकों, डॉ. एन. टी. यदुराजू, डॉ. जे. जी. वार्ष्णेय और डॉ. ए. आर. शर्मा ने निदेशालय को इसकी वर्तमान स्थिति में लाने के लिए वर्तमान में तैनात वैज्ञानिकों और अन्य कर्मचारियों के साथ-साथ पूर्व में योगदान देने वालों की कड़ी मेहनत की भी सराहना की।

डॉ. जे. एस. मिश्रा, निदेशक, भाकृअनुप-डीडब्ल्यूआर, जबलपुर ने इससे पहले अपने स्वागत संबोधन में विभिन्न अनुसंधान संस्थानों, विश्वविद्यालयों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, उद्योगों और प्रगतिशील किसानों के सहयोग तथा निदेशालय के काम को रेखांकित किया।

इस मौके पर निदेशालय के विभिन्न प्रकाशन भी जारी किए गए।

(स्रोत: भाकृअनुप-खरपतवार अनुसंधान निदेशालय, जबलपुर, मध्य प्रदेश)