भाकृअनुप ने मनाया भारतीय संविधान दिवस – 2020

26 नवंबर, 2020, नई दिल्ली

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली ने 26 नवंबर, 1949 को भारत के संविधान को अपनाने के उपलक्ष्य में आज भारतीय संविधान दिवस-2020 मनाया।

ICAR celebrates Indian Constitution Day - 2020  ICAR celebrates Indian Constitution Day - 2020

इस अवसर पर प्रतिष्ठित वक्ताओं -  प्रो. निष्ठा जसवाल, कुलपति, हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, शिमला, हिमाचल प्रदेश और श्री बड्डी रंगनाधन, अधिवक्ता, सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली - द्वारा 'नई शिक्षा नीति और शिक्षा का अधिकार' और 'मौलिक अधिकारों पर एक अंतर्दृष्टि' विषय पर दो व्याख्यान दिए गए।

डॉ. आर. सी. अग्रवाल, उप महानिदेशक (कृषि शिक्षा), भाकृअनुप और राष्ट्रीय निदेशक, राष्ट्रीय कृषि उच्च शिक्षा परियोजना ने अपने संबोधन में देश की खाद्य और पोषण सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान, शिक्षा और विस्तार (एनएआरईई) प्रणाली के योगदान पर प्रकाश डाला।

प्रो निष्ठा जसवाल ने गुणवत्ता और सुरक्षित शिक्षा के महत्त्व पर जोर दिया। उन्होंने शिक्षक-छात्र संबंध, ऑनलाइन शिक्षा, पुनर्निर्धारित समीक्षा अनुसंधान प्रणाली, छात्र और शिक्षक-केंद्रित शिक्षा प्रणाली आदि के बारे में भी बात की।

श्री बड्डी रंगनाधन ने मूल रूप से संविधान द्वारा प्रदान किए गए सभी छह मौलिक अधिकारों, अर्थात् समानता का अधिकार, स्वतंत्रता का अधिकार, शोषण के खिलाफ अधिकार, धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार, सांस्कृतिक एवं शैक्षिक अधिकार और संवैधानिक उपचार के अधिकार को रेखांकित किया। उन्होंने मौलिक अधिकारों की व्याख्या करते हुए कई उदाहरण और अनुकरणीय निर्णयों का हवाला दिया।

वेबिनार ने राज्य कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, डीन, प्रोफेसरों, भाकृअनुप-संस्थानों के निदेशकों, वैज्ञानिकों और विभिन्न क्षेत्रों के प्रख्यात पेशेवरों सहित 300 प्रतिभागियों की कुल भागीदारी दर्ज की।

(स्रोत: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली)