भाकृअनुप-संस्थानों ने मनाया भारतीय संविधान दिवस – 2020

26 नवंबर, 1949 को भारत के संविधान को अपनाने के उपलक्ष्य में हर साल इस दिन संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन देश भर के सभी सरकारी कार्यालयों में भारत के संविधान की प्रस्तावना का पाठ किया जाता है।

भाकृअनुप-संस्थानों ने भी पूरे सम्मान के साथ इस दिन को मनाया।

भाकृअनुप-राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रबंध अकादमी, हैदराबाद

संस्थान ने आभासी तौर पर भारतीय संविधान दिवस – 2020 मनाया।

डॉ. चौ. श्रीनिवास राव, निदेशक, भाकृअनुप-नार्म, हैदराबाद ने अपने संबोधन में भारत रत्न, डॉ. बी. आर. आंबेडकर, भारतीय संविधान के मुख्य निर्माता को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने भारत में जीवन जीने के तरीके के रूप में कृषि विकास में भी उनके योगदान को रेखांकित किया।

ICAR Institutes celebrate Indian Constitution Day - 2020

प्रोफेसर जी. विनोद कुमार, एसोसिएट प्रोफेसर और निदेशक, पीजी लॉ कॉलेज, उस्मानिया विश्वविद्यालय, हैदराबाद ने अपने समापन संबोधन में भारतीय संविधान के उद्भव को रेखांकित करते हुए इस प्रक्रिया में हुए ऐतिहासिक घटनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने विश्व के सर्वश्रेष्ठ और समावेशी संविधानों में से एक को तैयार करने में भारत रत्न डॉ. बी. आर. आंबेडकर के अपार योगदान की सराहना की।

इस कार्यक्रम में अकादमी के लगभग 200 सदस्यों द्वारा कुल भागीदारी दर्ज की गई जिसमें संकाय सदस्य, अधिकारी, स्टाफ सदस्य, 111वें फोकार्स प्रशिक्षु और पीजीडीएम-एबीएम छात्र शामिल रहे।

भाकृअनुप-भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान, अनुसंधान केंद्र, बल्लारी, कर्नाटक

श्री रमेशा एम.एन.,  विज्ञान (वानिकी), भाकृअनुप-आईआईएसडब्ल्यूसी, अनुसंधान केंद्र, बल्लारी, कर्नाटक ने भारतीय संविधान दिवस के अवसर पर प्रतिभागियों को संवैधानिक मूल्यों और उनके महत्त्वों से अवगत कराया।

ICAR Institutes celebrate Indian Constitution Day - 2020

प्रो रेवनसिडप्पा, प्रोफेसर (राजनीति विज्ञान), राजनीति विज्ञान विभाग, वीराशैव कॉलेज, बल्लारी, कर्नाटक ने भारतीय संविधान दिवस - 2020 के अवसर पर 'संविधान के महत्त्व और इसकी जागरूकता' पर अतिथि व्याख्यान दिया। उन्होंने केंद्र के प्रत्येक सदस्य को संवैधानिक अधिकारों और कर्तव्यों से परिचित कराने पर जोर दिया और एक अच्छे नागरिक के रूप में लोकतंत्र में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।

(स्रोत: संबंधित भाकृअनुप-संस्थान)