भाकृअनुप-सिफ़ा ने मनाया 34वाँ वार्षिक दिवस

1 अप्रैल, 2021, भुवनेश्वर

भाकृअनुप-केंद्रीय मीठाजल जीवपालन अनुसंधान संस्थान, भुवनेश्वर, ओडिशा ने आज अपने कौशल्यगंगा परिसर, भुवनेश्वर में '34वाँ वार्षिक दिवस' ​​मनाया।

मुख्य अतिथि, श्री तज तकी, मत्स्यपालन, कृषि, बागवानी, पशुपालन, पशु चिकित्सा एवं डेयरी विभाग के मंत्री, अरुणाचल प्रदेश ने सोनाजुली में एक एक्वाकल्चर प्रौद्योगिकी पार्क स्थापित करने के लिए संस्थान की सराहना की। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह पार्क सुदूर राज्य में उन्नत जलकृषि प्रौद्योगिकियों के लिए एक दिशा प्रदान करेगा। श्री तकी ने इस बात पर जोर दिया कि अन्य मत्स्यपालकों और ग्रामीण युवाओं के बीच क्षैतिज प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को सुगम बनाने के लिए एक प्रगतिशील किसान टाना नेकम तारा के खेत में एक जलकृषि क्षेत्रीय स्कूल भी खोला गया है। इस मौके पर मंत्री ने भाकृअनुप-सिफ़ा वार्षिक पुरस्कार-2020 भी प्रदान किया।

ICAR-CIFA celebrates 34th Annual Day  ICAR-CIFA celebrates 34th Annual Day

श्री तकी और श्री पी. के. बिसोई, सचिव, डाक विभाग और अध्यक्ष, डाक सेवा बोर्ड, नई दिल्ली ने इस अवसर पर एक विशेष रद्द किए हुए मुहर के साथ 12 फिलाटेलिक (टिकट संग्रहण)  तस्वीर पोस्ट कार्ड जारी किए। मीठे पानी की प्रजातियों के महत्त्व के द्विभाषी विवरण के साथ चित्र पोस्ट कार्ड किसानों के बीच जागरूकता पैदा करने में एक लंबा रास्ता तय करेंगे।

डॉ. बिमल प्रसन्न मोहंती, अतिरिक्त महानिदेशक (अंतर्देशीय मत्स्य), भाकृअनुप ने अनुसंधान और विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति के लिए संस्थान की सराहना की।

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डॉ. पी. प्रवीण, अतिरिक्त महानिदेशक (समुद्री मत्स्य), भाकृअनुप ने संस्थान द्वारा भटिंडा, पंजाब में नए क्षेत्रीय अनुसंधान स्टेशन, कृषि क्षेत्र में सुधार, आउटरीच गतिविधियों में विस्तार आदि के बारे में बताया। उन्होंने वैज्ञानिकों से प्रतिबद्ध होकर काम करने और भारतीय जलीय कृषि को अधिक अनुकूल बनाने का आग्रह किया।

गणमान्य व्यक्तियों ने इस अवसर के दौरान "आउटडोर व्यायामशाला" का उद्घाटन करने के साथ-साथ ‘मीठाजल जीवपालन के लिए मिट्टी और पानी की गुणवत्ता विश्लेषण पर प्रयोगशाला’ नामक पुस्तिका का भी विमोचन किया।

डॉ. एस. के. स्वैन, निदेशक, भाकृअनुप-सिफ़ा ने इससे पहले अपने स्वागत संबोधन में कृषि योग्य प्रौद्योगिकियों को विकसित करने में संस्थान की भूमिका पर प्रकाश डाला और वैज्ञानिक जलीय कृषि को बढ़ावा देने में राज्य के विभागों की भूमिका को भी रेखांकित किया।

सिफ़ा अपदेट्स (अद्यतन)

  • वाणिज्यिक सिफ़ा- कार्प स्टार्टर, सिफ़ा- कार्प उत्पादक, नैनोप्लस @ सिफ़ा, फिश हाइड्रोलाइजेट और सिफ़ा-जीआई स्कैंप।
  • प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत 'भारत में मीठाजल जीवपालन उत्पादन में वृद्धि के लिए रणनीतियों का विकास’।
  • व्हाट्सएप और ईमेल हेल्पलाइन (व्हाट्सएप्प नं. - 7790007797 और ask.cifa [at] icar.gov.in) का लोकार्पण।
  • ऑनलाइन शिक्षण मॉड्यूल विकसित करने के लिए डिजिटल आउटरीच सेंटर (DOC) की स्थापना।
  • किसानों से किसानों के विस्तार को बढ़ावा देने के लिए पश्चिम बंगाल, ओडिशा और अरुणाचल प्रदेश में दस जलीयकृषि क्षेत्रीय स्कूल की स्थापना।
  • हिंदी पत्रिका (नीलितिमा) को गणेश शंकर विद्यार्थी हिंदी पत्रिका पुरुस्कार के लिए प्रथम पुरस्कार मिला।
  • आभासी प्रशिक्षण कार्यक्रमों से पाँच हजार से अधिक व्यक्ति लाभान्वित हुए।

भाकृअनुप-सिवा; भाकृअनुप-सीएचईएस, भुवनेश्वर; एनएफडीबी और भाकृअनुप-सिफ़ा के प्रतिनिधियों एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने भी समारोह में अपनी भागीदारी दर्ज की।

(स्त्रोत: भाकृअनुप-केंद्रीय मीठाजल जीवपालन अनुसंधान संस्थान, भुवनेश्वर, ओडिशा)