लाख कीट आनुवंशिक संसाधनों के संरक्षण पर नेटवर्क परियोजना की 9वीं वार्षिक समीक्षा कार्यशाला का आयोजन

20 जनवरी, 2022, रांची

भाकृअनुप-भारतीय प्राकृतिक रेजिन और गोंद संस्थान, रांची, झारखंड ने आज "लाख कीट आनुवंशिक संसाधनों के संरक्षण पर अखिल भारतीय नेटवर्क परियोजना की 9वीं वार्षिक समीक्षा कार्यशाला" का आयोजन किया।

“9th Annual Review Workshop of Network Project on Conservation of Lac Insect Genetic Resources” organized

अपने उद्घाटन भाषण में मुख्य अतिथि डॉ. एस.एन. झा, उप महानिदेशक (कृषि इंजीनियरिंग), भाकृअनुप ने देश के लाख कीड़ों जैसे स्वदेशी प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। डीडीजी ने कार्य को गति देकर देश की प्राकृतिक लाख कीट आबादी के लिए सर्वेक्षण पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने वैज्ञानिकों से मेजबान पौधों के बिना लाख कीड़ों द्वारा लाख रेजिन के उत्पादन के तरीकों की खोज करने का भी आग्रह किया।

विशिष्ट अतिथि डॉ. के.के. सिंह, एडीजी (फार्म इंजीनियरिंग), भाकृअनुप ने आने वाली योजना अवधि के दौरान परियोजना को राष्ट्रीय और वैश्विक रुझानों के साथ संरेखित करने पर जोर दिया।

डॉ. के.के. शर्मा, निदेशक, भाकृअनुप-आईआईएनआरजी और परियोजना समन्वयक एआईएनपी-सीएलआईजीआर ने स्वागत संबोधन में वर्ष 2021 की वार्षिक प्रगति को रेखांकित किया।

कार्यशाला में 11 केंद्रों के लगभग 51 प्रतिभागियों ने विचार-विमर्श किया।

(स्रोत: भाकृअनुप-भारतीय प्राकृतिक रेजिन और गोंद संस्थान, रांची, झारखंड)