श्री कैलाश चौधरी ने किया गन्ना सम्मेलन (केनकॉन-2021) का उद्घाटन

19 जून, 2021, कोयंबत्तूर  

श्री कैलाश चौधरी, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री ने आज 'गन्ना अनुसंधान: चीनी और उससे आगे के लिए गन्ना (केनकॉन-2021)' पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया।

अपने उद्घाटन भाषण में मंत्री ने कहा कि यद्यपि गन्ना देश में फसल क्षेत्र का केवल 2.5% से अधिक है, लेकिन कृषि सकल घरेलू उत्पाद में इसका योगदान कृषि क्षेत्र के कुल बजट आवंटन के लगभग बराबर है। भाकृअनुप-एसबीआई की सीओ 0238 गन्ना किस्म के महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि इस किस्म ने उत्तर भारतीय राज्यों में लगभग 84% क्षेत्र में गन्ने की खेती में क्रांति ला दी है।

Shri Kailash Chaudhary inaugurates CaneCon-2021

श्री चौधरी ने वैज्ञानिक समुदाय से इथेनॉल, जैविक गुड़, अपशिष्टों से पोटाश और जैव सीएनजी जैसे उत्पादों पर अनुसंधान को मजबूत करने का आग्रह किया ताकि कृषि अपशिष्ट को धन में बदलने के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण को साकार किया जा सके। उन्होंने कहा कि केनकॉन-2021 के विचार-विमर्श से अंततः जमीनी स्तर पर किसानों को अपनी कृषि आय दोगुनी करने में मदद मिलेगी।

डॉ. त्रिलोचन महापात्र, सचिव (कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग) एवं महानिदेशक (भा.कृ.अनु.प.) ने बतौर विशिष्ट अतिथि 1930 के दशक से गन्ने की पैदावार में 11 गुना वृद्धि के बारे में बताया, जो कि गन्ना क्षेत्र में 4.35 गुना वृद्धि के साथ संयुक्त उत्पादकता में 2.5 गुना वृद्धि के कारण है। भाकृअनुप-एसबीआई द्वारा विकसित Co 0238 को एक उत्कृष्ट उदाहरण के रूप में संदर्भित करते हुए महानिदेशक ने कहा कि कि कैसे एक प्रजनन प्रौद्योगिकी भारत में गन्ना कृषि में क्रांति ला सकती है।

Shri Kailash Chaudhary inaugurates CaneCon-2021

डॉ. महापात्र द्वारा जल उपयोग दक्षता, सूखा सहनशीलता और रोग प्रतिरोधक क्षमता आदि मुद्दों के समाधान में विज्ञान के नए क्षेत्रों अर्थात जीनोमिक चयन, जीनोम संपादन और जीनोम वाइड कवरेज का उपयोग करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। महानिदेशक ने खोई के लिग्नो-सेल्यूलोसिक यौगिकों को इथेनॉल में कुशल रूप से परिवर्तित करने पर अनुसंधान प्रयासों को मजबूत करने के महत्त्व को भी रेखांकित किया।

डॉ. एन. कुमार, कुलपति, तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय, कोयंबत्तूर ने इससे पहले अपने स्वागत संबोधन में कहा कि गन्ना देश में 49 लाख हेक्टेयर से अधिक में उगाई जाने वाली दूसरी सबसे बड़ी फसल है। उन्होंने गन्ना क्षेत्र में 'सीओ' गन्ना विकसित करके संस्थान द्वारा किए गए महत्त्वपूर्ण योगदान पर भी प्रकाश डाला।  

डॉ. बख्शी राम, निदेशक, भाकृअनुप-एसबीआई ने रेखांकित किया कि देश में गन्ने के अंतर्गत आने वाले लगभग 79% क्षेत्र पर संस्थान द्वारा विकसित 'सीओ' गन्ना का कब्जा है। उन्होंने अपनी दोनों प्रमुख किस्मों अर्थात, सीओ 0238 और सीओ 86032 में सूखा सहनशीलता के लिए ट्रांसजेनिक (परा उत्पत्ति मूलक) घटनाओं के विकास पर भी प्रकाश डाला।

सम्मेलन में लगभग 1,000 से अधिक प्रतिभागियों ने आभासी तौर पर भाग लिया।

(स्रोत: भाकृअनुप-गन्ना प्रजनन संस्थान, कोयंबत्तूर)