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अभिशासन और प्रबंधन

एनएएसएफ बोर्ड (अधिकारप्राप्‍त समिति)
एनएएसएफ बोर्ड (अधिकारप्राप्‍त समिति), जो एनएएसएफ के अभिशासन का शीर्ष निकाय है, का गठन और अनुमोदन माननीय कृषि मंत्री, भारत सरकार द्वारा किया जाता है। इसका गठन निम्‍नानुसार है:

बाह्य सदस्‍य
क) अध्‍यक्ष के रूप में एक विख्‍यात वैज्ञानिक
ख) विषय के तीन से चार विशेषज्ञ
ग) वित्‍तपोषण करने वाले अन्‍य वैज्ञानिक अनुसंधान एजेंसियों से दो प्रतिनिधि

पदेन सदस्‍य
क) महानिदेशक, भाकृअप
ख) वित्‍तीय सलाहकार, डेयर
ग) निदेशक, एनएएसएफ/ सहायक महानिदेशक (सदस्‍य सचिव/ संयोजक)

‘अधिकारप्राप्‍त समिति (ईसी)’ या ‘एनएएसएफ बोर्ड’ एक शीर्ष निकाय है जो एनएएसएफ के अभिशासन तथा सभी नीतिगत निर्णयों के लिए उत्‍तरदायी है जिनमें इसके विजन को प्राप्‍त करने के लिए एनएएसएफ के उद्देश्‍यों के कुशलतापूर्वक कार्यान्‍वयन के लिए अपेक्षित वित्‍तीय एवं प्रशासनिक मामले शामिल हैं। निदेशक/सहायक महानिदेशक एनएएसएफ का मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी है। वह एनएएसएफ बोर्ड का सदस्‍य सचिव/ संयोजक होगा। प्रशासनिक प्रयोजनों के लिए निदेशक/ सहायक महानिदेशक भाकृअप के महानिदेशक को रिपोर्ट करेगा।

एनएएसएफ बोर्ड (अधिकारप्राप्‍त समिति)
1. अधिकारप्राप्‍त समिति (ईसी) का कार्यकाल तीन (3) वर्ष होगा।
2. अधिकारप्राप्‍त समिति वित्‍तपोषण के लिए नीति, अभिशासन और प्राथमिकताओं के संबंध में मार्गदर्शन करेगी।
3. एनएएसएफ के ईएफसी दस्‍तावेज में दिशा-निर्देशों में परिवर्तन करते समय अधिकारप्राप्‍त समिति नियमों और कार्यविधियों में
    आवश्‍यकता-आधारित संशोधन करेगी।
4. अधिकारप्राप्‍त समिति 5.0 करोड़ रूपये से अधिक धनराशि की परियोजनाओं का मूल्‍यांकन और अनुमोदन करेगी।
5. अधिकारप्राप्‍त समिति विशेषज्ञ समिति द्वारा अनुमोदित/ संस्‍तुत 5.0 करोड़ रूपये तक की लागत वाली परियोजनाओं का अनुसमर्थन
    करेगी।


वर्तमान अधिकार प्राप्‍त समिति का गठन

अध्‍यक्ष

डॉ. पंजाब सिंह, पूर्व सचिव (डेयर) एवं महानिदेशक, भाकृअप, पूसा, नई दिल्‍ली-110012

सदस्‍य

महानिदेशक, भाकृअप, कृषि भवन, नई दिल्‍ली-110001

डॉ. राकेश तुली, कार्यकारी निदेशक, राष्‍ट्रीय कृषि-खाद्य जैव-प्रौद्योगिकी संस्‍थान (जैव-प्रौद्योगिकी विभाग) मोहाली (फसल विज्ञान)

डॉ. वी. के. बतीश, सचिव भारतीय प्रतिजैविक एशोसिएशन, डेरी सूक्ष्‍मजीव विज्ञान प्रभाग, एनडीआरआई, करनाल (पशु विज्ञान)

डॉ. आर. टी. पाटिल, पूर्व निदेशक, सिफेट, लुधियाना और निदेशक, प्रौद्योगिकी तकनीकी विद संस्‍थान, भोपाल (कृषि इंजीनियरिंग)

डॉ. सी. एल. आचार्य, पूर्व निदेशक, आईआईएसएस भोपाल (प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन)

निदेशक (वित्‍त) भाकृअप, कृषि भवन, नई दिल्‍ली-110001

संयोजक/सदस्‍य सचिव

सहायक महानिदेशक (एडीजी), एनएएसएफ (भाकृअप) कैब-I पूसा, नई दिल्‍ली-110012

पूर्व अध्‍यक्ष

प्रथम अध्‍यक्ष : डॉ. सी.एन.आर. राव, अध्‍यक्ष, प्रधानमंत्री वैज्ञानिक सलाहकार बोर्ड
(25 नवंबर, 2005 से 31 मार्च, 2010)

द्वितीय अध्‍यक्ष : डॉ. मंगला राय, पूर्व सचिव डेयर एवं महानिदेशक, भाकृअप
(01 अप्रैल, 2010 से 23 दिसंबर, 2014)


विशेषज्ञों की समिति
1. एनएएसएफ द्वारा अधिकार प्राप्‍त समिति/महानिदेशक (भाकृअप) के मार्ग निर्देशन पर आधारित और महानिदेशक, भाकृअप द्वारा     अनुमोदित विभिन्‍न विषय/व्‍यापक क्षेत्रों में विशेषज्ञों की समिति गठित की जाएगी।

2. विशेषज्ञ समिति संकल्‍पना टिप्‍पणियों की जांच करेगी, संपूर्ण प्रस्‍तावों का मूल्‍यांकन करेगी और 5 करोड़ रूपए तक की परियोजनाओं की     स्‍वीकृति/ संस्‍तुति‍ देगी। संकल्‍पना टिप्‍पणियों की जांच और परियोजनाओं के मूल्यांकन में सहायक महानिदेशक, एनएएसएफ     (जिसमें भाकृअप और समिति के बाहर के विशेष शामिल हैं) द्वारा यथा अभिकल्पित अन्‍य सहायक कार्यप्रणाली होगी।

3. यदि विशेषज्ञ समिति/महानिदेशक चाहें तो संस्‍तुत/अनुमोदित नई परियोजनाओं के लिए अधिक स्‍पष्‍टीकरण हेतु विशेषज्ञ समिति/     महानिदेशक (भाकृअप) को ‘विशेषज्ञ समिति’ का अध्‍यक्ष उपलब्‍ध होगा।

4. ‘सलाहकार’ समिति (वैकल्पिक) के अध्‍यक्ष के साथ विशेषज्ञ समिति के समक्ष परियोजनाओं का प्रस्‍तुतीकरण किया जाएगा।

5. विदेशी वैज्ञानिकों/प्रयोगशालाओं के आवश्‍यकता आधारित संपर्क को केवल असाधारण मामलों में ही बढ़ावा दिया जाएगा। यदि     आवश्‍यकता पड़े तो विदेशी विशेषज्ञों को भी आमंत्रित किया जा सकता है।

6. विशेषज्ञ समिति एडीजी/निदेशक एनएएसएफ के परामर्श से समीक्षा बैठक के दौरान परियोजनाओं के लिए आवश्‍यकता के आधार पर     अतिरिक्‍त निधियों की संस्‍तुति दे सकता है।


सलाहकार समिति
1. सलाहकार समिति एडीजी/ निदेशक एनएएसएफ द्वारा गठित की जाएगी।

2. प्रत्‍येक परियोजना के लिए सलाहकार समितियां उपलब्‍ध होंगी।

3. सलाहकार समितियां मध्‍यावधीय मूल्‍यांकन/जांच के दौरान विचाराधीन अनुमोदित बजट के भीतर एनएएसएफ को 1.5 लाख रूपए की     अतिरिक्‍त कोष को संस्‍तुति दे सकता है।

4. सलाहकार समितियां वर्ष में एक बार परियोजनाओं का मूल्‍यांकन, मॉनीटरण और समीक्षा करेंगी। इसके अलावा यह एनएएसएफ     कार्यालय के परामर्श से प्रयोगशाला, फील्‍ड/ स्‍थलों का दौरा कर सकती है।

5. सलाहकार समिति का अध्‍यक्ष आवश्‍यकता पड़ने पर परियोजनाओं की बैठकों की समीक्षा के दौरान भागीदारी कर सकती है।