ऑन फार्म ट्रायल (OFT):विभिन्न कृषि प्रणालियों के अंतर्गत उनकी स्थान-विशिष्टता की पहचान करने के लिए किसानों के खेतों पर 34432 परीक्षण आयोजित करके केवीके द्वारा 20759 स्थानों पर विभिन्न फसलों/पशु विज्ञान/उद्यमों की कुल 6125 प्रौद्योगिकियों का आकलन किया गया।
अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन (FLD):कृषि और संबद्ध क्षेत्रों की प्रौद्योगिकियों की उत्पादन क्षमता प्रदर्शित करने के लिए विभिन्न फसलों, पशुधन और अन्य उद्यमों पर किसानों की भागीदारी से 2.44 लाख अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन (FLD) आयोजित किए गए। इन प्रदर्शनों में दलहनी फसलों पर 83090 एफएलडी और तिलहनी फसलों पर 56064 एफएलडी शामिल हैं।
किसानों, कृषक महिलाओं, ग्रामीण युवाओं एवं प्रसार कर्मियों का क्षमता विकास: किसानों, कृषक महिलाओं एवं ग्रामीण युवाओं के ज्ञान तथा कौशल को उन्नत करने के लिए केवीके ने विभिन्न प्रकार के 60672 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए, जिनसे कृषक महिलाओं और ग्रामीण युवाओं सहित 16.82 लाख किसान लाभान्वित हुए। इसी प्रकार, 3948 प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से 1.16 लाख प्रसार कर्मियों के ज्ञान और कौशल को उन्नत किया गया।
प्रसार गतिविधियों में किसानों की भागीदारी: केवीके ने राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रणाली (NARS) द्वारा विकसित उन्नत कृषि प्रौद्योगिकियों के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए 183.66 लाख किसानों और अन्य अंतिम उपयोगकर्ताओं की भागीदारी से बड़ी संख्या में प्रसार गतिविधियां (10.95 लाख) आयोजित कीं।
गुणवत्तापूर्ण बीजों का उत्पादन: अनाज, तिलहन, दलहन, वाणिज्यिक फसलों, सब्जियों, फूलों, फलों, मसालों, चारा, वन प्रजातियों, औषधीय पौधों और रेशा फसलों की उन्नत किस्मों के 20100 टन गुणवत्तापूर्ण बीजों का उत्पादन किया गया और किसानों को उपलब्ध कराया गया।
गुणवत्तापूर्ण रोपण सामग्री का उत्पादन: केवीके ने वाणिज्यिक फसलों, सब्जियों, फलों, सजावटी, औषधीय और सुगंधित फसलों, बागान फसलों, मसालों, कंद फसलों, चारा और वन प्रजातियों की उत्कृष्ट प्रजातियों की 348.01 लाख गुणवत्तापूर्ण रोपण सामग्री का उत्पादन किया और किसानों को उपलब्ध कराया।
गुणवत्तापूर्ण पशुधन नस्लों और मत्स्य अंगुलिकाओं का उत्पादन: कुल 409.06 लाख मत्स्य अंगुलिकाओं और अन्य पशुधन नस्लों तथा गाय, भेड़, बकरी, भैंस और प्रजनन सांड की उन्नत नस्लों का उत्पादन किया गया और किसानों को उपलब्ध कराया गया।
मृदा, जल, पौधों और खाद के नमूनों का परीक्षण: देश में प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के एक हिस्से के रूप में मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन के लिए भारत सरकार की पहलों के मद्देनजर केवीके ने किसानों के मृदा, जल, पौधों और खाद के 5.99 लाख नमूनों का परीक्षण किया और तदनुसार परामर्श प्रदान किया।
दलहन बीज हब: केवीके में स्थापित 97 बीज हब के माध्यम से अरहर, उड़द, मूंग, मसूर, चना, मटर और खेसारी के कुल 39648.14 क्विंटल बीजों का उत्पादन किया गया और किसानों को उपलब्ध कराया गया।
कौशल विकास: कुल मिलाकर 15222 ग्रामीण युवाओं को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग (DAC&FW) की आरकेवीवाई योजना से 14.35 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता के साथ राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क के अनुरूप 761 कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करके प्रशिक्षित किया गया।
कृषि में युवाओं को आकर्षित करना और बनाए रखना (ARYA):वर्ष के दौरान आर्या परियोजना के अंतर्गत जिलों की संख्या 25 से बढ़ाकर 97 कर दी गई। 1949 कृषि-आधारित उद्यम इकाइयां स्थापित की गईं, जिनसे 3790 ग्रामीण युवा लाभान्वित हुए। कृषि-आधारित उद्यमों के 13 व्यापक समूहों से संबंधित 6487 ग्रामीण युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया गया।
जलवायु अनुकूल कृषि पर राष्ट्रीय नवाचार (NICRA):निकरा के प्रौद्योगिकी प्रदर्शन घटक के अंतर्गत देश के 121 संवेदनशील जिलों के 151 गांवों में फसलों और पशुधन उत्पादन प्रणालियों के जलवायु अनुकूल प्रौद्योगिकी पैकेजों का प्रदर्शन किया गया। वर्ष के दौरान एनआरएम मॉड्यूल के अंतर्गत 12453.93 हेक्टेयर क्षेत्र को कवर करते हुए 16355 प्रदर्शन किए गए; फसल उत्पादन प्रौद्योगिकियों पर 9061.34 हेक्टेयर क्षेत्र को कवर करते हुए 25325 प्रदर्शन किए गए; और पशुधन एवं मत्स्य पालन मॉड्यूल के अंतर्गत टीकाकरण, पूरक आहार पर प्रदर्शन आदि के तहत 48846 कृषि पशुओं को कवर किया गया। केवीके ने जलवायु अनुकूल कृषि पर 1644 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए, जिनमें 42655 किसानों ने भाग लिया। सफल जलवायु अनुकूल पद्धतियों और प्रौद्योगिकियों के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए कुल 4367 प्रसार गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनसे 80684 किसान लाभान्वित हुए।
फार्मर FIRST:यह परियोजना देश के 20 राज्यों में फैले आईसीएआर और राज्य कृषि विश्वविद्यालयों (SAUs) के 51 केंद्रों में संचालित है। एनआरएम, फसल उत्पादन, बागवानी, पशुधन उत्पादन और आईएफएस जैसे विभिन्न मॉड्यूलों के अंतर्गत कुल 25227 सहभागी प्रदर्शन आयोजित किए गए; 1218 प्रसार कार्यक्रम आयोजित किए गए; और 109627 कृषक परिवारों की भागीदारी से 65461 कृषि पशु लाभान्वित हुए।
मेरा गांव-मेरा गौरव (MGMG):कुल मिलाकर आईसीएआर संस्थानों और राज्य कृषि विश्वविद्यालयों सहित 126 संस्थानों ने एमजीएमजी कार्यक्रम को लागू किया। 5149 वैज्ञानिकों के कुल 1329 समूहों ने 5615 गांवों में विभिन्न गतिविधियां संचालित कीं, जिनसे 696109 किसान लाभान्वित हुए।
आईसीएआर संस्थानों और राज्य कृषि विश्वविद्यालयों में 47 कृषि प्रौद्योगिकी सूचना केंद्रों का संचालन जारी रहा।
केवीके कर्मियों की तकनीकी जानकारी को अद्यतन करने के लिए 757 क्षमता विकास कार्यक्रम आयोजित किए गए।
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