भाकृअनुप-एनबीएफजीआर, लखनऊ ने भाकृअनुप का 98वां स्थापना दिवस मनाया; जलीय संसाधनों के संरक्षण, विकास एवं सतत प्रबंधन के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई

भाकृअनुप-एनबीएफजीआर, लखनऊ ने भाकृअनुप का 98वां स्थापना दिवस मनाया; जलीय संसाधनों के संरक्षण, विकास एवं सतत प्रबंधन के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई

16 जुलाई, 2026, लखनऊ

भाकृअनुप–राष्ट्रीय मत्स्य आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो (भाकृअनुप-एनबीएफजीआर), लखनऊ, ने आज भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (भाकृअनुप) का 98वां स्थापना दिवस मनाया। वैज्ञानिकों, तकनीकी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं शोधकर्ताओं ने नई दिल्ली में आयोजित भाकृअनुप स्थापना दिवस के राष्ट्रीय कार्यक्रम के सीधा प्रसारण में भाग लिया, जहां केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने स्थापना दिवस संबोधन दिया।

अपने संबोधन के दौरान मंत्री ने "विकसित भारत 2047" के लिए एक परिवर्तनकारी दृष्टि प्रस्तुत करते हुए इस बात पर बल दिया कि विकसित भारत का मार्ग विकसित कृषि और समृद्ध किसानों से होकर गुजरता है। मंत्री ने भाकृअनुप संस्थानों से "वन इंस्टीट्यूट–वन ग्रैंड इनोवेशन" पहल के अंतर्गत परिवर्तनकारी नवाचार करने, 100 जलवायु-स्मार्ट गांव विकसित करने, भाकृअनुप की प्रौद्योगिकियों को 10 करोड़ किसानों तक पहुंचाने, भाकृअनुप ओपन डिजिटल नॉलेज प्लेटफॉर्म के माध्यम से डिजिटल ज्ञान प्रसार को सुदृढ़ करने तथा अनुसंधान को ऐसी प्रौद्योगिकियों में तेजी से परिवर्तित करने का आह्वान किया, जिनसे किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिल सके। कृषि मंत्री ने गुणवत्ता-आधारित उत्पादन, जलवायु-सहिष्णु कृषि तथा नवाचार-आधारित आत्मनिर्भरता पर भी बल दिया और वैज्ञानिकों को राष्ट्रीय विकास तथा किसानों के कल्याण के लिए अपने अनुसंधान को समर्पित करने के लिए प्रेरित किया।

ICAR-NBFGR, Lucknow Celebrates ICAR's 98th Foundation Day; Reaffirms Commitment towards Conservation, Development and Sustainable Management of Aquatic Resources

समारोह के अंतर्गत भाकृअनुप-एनबीएफजीआर ने लखनऊ स्थित जीवित मत्स्य जर्मप्लाज्म संसाधन केंद्र में भाकृअनुप स्थापना दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया। भाकृअनुप-एनबीएफजीआर की निदेशक डॉ. काजल चक्रवर्ती ने मत्स्य किसानों को गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज वितरित किए तथा उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया।

ICAR-NBFGR, Lucknow Celebrates ICAR's 98th Foundation Day; Reaffirms Commitment towards Conservation, Development and Sustainable Management of Aquatic Resources

डॉ. चक्रवर्ती ने जलीय आनुवंशिक संसाधनों के संरक्षण, विकास एवं सतत प्रबंधन तथा मत्स्य किसानों की आजीविका को सुदृढ़ करने के प्रति ब्यूरो की निरंतर प्रतिबद्धता पर बल दिया।

कार्यक्रम में सतत जलीय कृषि पद्धतियों पर एक जागरूकता व्याख्यान भी आयोजित किया गया। राष्ट्रव्यापी पर्यावरण अभियान "एक पेड़ मां के नाम" के समर्थन में सभी कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक वृक्षारोपण अभियान में भाग लिया, जो पर्यावरण संरक्षण, जलवायु सहनशीलता तथा सतत विकास के प्रति ब्यूरो की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

(स्रोत: भाकृअनुप–राष्ट्रीय मत्स्य आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो, लखनऊ)

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