भाकृअनुप-सीबा, चेन्नई ने 98वां भाकृअनुप स्थापना दिवस का किया आयोजन

भाकृअनुप-सीबा, चेन्नई ने 98वां भाकृअनुप स्थापना दिवस का किया आयोजन

16 जुलाई, 2026, चेन्नई

भाकृअनुप-केन्द्रीय खारे पानी जलीय कृषि संस्थान (सीआईबीए), चेन्नई ने अपने क्षेत्रीय केन्द्रों काकद्वीप (केआरसी-आईसीएआर-सीआईबीए), पश्चिम बंगाल तथा नवसारी (एनजीआरसी-भाकृअनुप-सीआईबीए), गुजरात के साथ मिलकर आज 98वां भाकृअनुप स्थापना दिवस बड़े उत्साह और प्रतिबद्धता के साथ मनाया।

समारोह के अंतर्गत तीन अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए गए। दिन की शुरुआत संस्थान परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम से हुई, जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों ने पौधारोपण कर पर्यावरणीय स्थिरता के प्रति भाकृअनुप की प्रतिबद्धता का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया। इसके बाद वैज्ञानिकों, कर्मचारियों और शोधार्थियों ने नई दिल्ली में आयोजित भाकृअनुप स्थापना दिवस समारोह का सीधा प्रसारण देखा। राष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान भाकृअनुप-सीआईबीए की विशेषीकृत ब्लू स्विमर क्रैब फीड प्रौद्योगिकी “बीएसक्रैबप्लस (BSCrabPlus)” का औपचारिक विमोचन किया गया।

ICAR-CIBA, Chennai Celebrates the 98th ICAR Foundation Day

स्थापना दिवस समारोह के अंतर्गत अपराह्न में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। मरीन टेक्नोलॉजीज, चेन्नई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. एस. संथाना कृष्णन ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई तथा स्थापना दिवस व्याख्यान दिया। अपने संबोधन में उन्होंने सीआईबीए की प्रारंभिक यात्रा से लेकर खारे पानी की जलीय कृषि के एक प्रमुख अनुसंधान संस्थान के रूप में उसकी वर्तमान प्रतिष्ठा तक की स्मृतियां साझा कीं।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सीबा को बुनियादी, अनुप्रयुक्त तथा रणनीतिक अनुसंधान कार्यक्रमों को जारी रखते हुए जलवायु-सहिष्णु जलीय कृषि प्रौद्योगिकियों तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित परामर्श सेवाओं एवं उत्पादों को प्राथमिकता देनी चाहिए, ताकि वह इस क्षेत्र में नवाचार और प्रतिस्पर्धात्मकता के अग्रणी स्थान पर बना रहे। उन्होंने 98वें आईसीएआर स्थापना दिवस समारोह के अंतर्गत आयोजित निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को प्रमाण-पत्र भी वितरित किए।

ICAR-CIBA, Chennai Celebrates the 98th ICAR Foundation Day

डॉ. एम. शशि शेखर, प्रभारी निदेशक, भाकृअनुप-सीबा के जलीय पशु स्वास्थ्य एवं पर्यावरण प्रभाग के प्रमुख, ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की और पूरे दिन के समारोह का समन्वय किया। अपने स्वागत संबोधन में उन्होंने भाकृअनुप-सीबा की महत्वपूर्ण उपलब्धियों तथा भारत में खारे पानी की जलीय कृषि के विकास में उसके विशाल योगदान पर प्रकाश डाला।

(स्रोत: भाकृअनुप-केन्द्रीय खारे पानी जलीय कृषि संस्थान, चेन्नई)

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