डीआरआई के सदस्य सचिव श्री अभय महाजन ने भाकृअनुप–सीसीएआरआई, गोवा का किया दौरा

डीआरआई के सदस्य सचिव श्री अभय महाजन ने भाकृअनुप–सीसीएआरआई, गोवा का किया दौरा

14 जुलाई, 2026, गोवा

दीनदयाल रिसर्च इंस्टीट्यूट (डीआरआई), चित्रकूट, मध्य प्रदेश के सदस्य सचिव श्री अभय महाजन ने आज भाकृअनुप–केन्द्रीय तटीय कृषि अनुसंधान संस्थान (भाकृअनुप–सीसीएआरआई), गोवा का दौरा किया और सतत तटीय कृषि के लिए संस्थान द्वारा किए जा रहे अनुसंधान, प्रौद्योगिकी विकास तथा विस्तार पहलों पर वैज्ञानिक दल के साथ संवाद किया।

डॉ. प्रवीण कुमार, निदेशक, भाकृअनुप–सीसीएआरआई, ने आगंतुक गणमान्य अतिथि का गर्मजोशी से स्वागत किया तथा उन्हें संस्थान के अधिदेश, प्रमुख अनुसंधान उपलब्धियों और चल रही पहलों की जानकारी दी।

Shri Abhay Mahajan, Member Secretary, DRI, Visits ICAR–CCARI, Goa

दौरे के दौरान भाकृअनुप–सीसीएआरआई के वैज्ञानिकों ने उन्हें विभिन्न अनुसंधान फार्मों, प्रायोगिक इकाइयों तथा प्रदर्शन सुविधाओं का भ्रमण कराया और तटीय कृषि प्रणालियों के लिए विकसित प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन किया।

श्री महाजन के साथ श्री वसंत पंडित, कोषाध्यक्ष, डेयर भी उपस्थित थे। उन्हें प्राकृतिक खेती, धान आधारित उत्पादन प्रणालियों, पशु विज्ञान, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, बायोमास पुनर्चक्रण तथा सतत कृषि और परिपत्र जैव-अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने वाली अन्य जलवायु-सहिष्णु प्रौद्योगिकियों पर संस्थान द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी गई।

Shri Abhay Mahajan, Member Secretary, DRI, Visits ICAR–CCARI, Goa

उन्होंने कृषि विज्ञान केन्द्र (केवीके), उत्तर गोवा का भी दौरा किया, विषय विशेषज्ञों तथा कर्मचारियों से संवाद किया और किसानों के लिए संचालित विस्तार एवं क्षमता निर्माण कार्यक्रमों की सराहना की। दौरे के दौरान उन्होंने उद्यानिकी प्रयोगशाला का भी भ्रमण किया, जहां मूल्य संवर्धित एवं कटाई उपरांत प्रौद्योगिकियों तथा उत्पादों का प्रदर्शन किया गया। इसके साथ ही उन्होंने संस्थान की कृषि-इकोटूरिज्म सुविधाओं, जिनमें नवग्रह, राशि एवं नक्षत्र वाटिका शामिल हैं, का भी अवलोकन किया।

संस्थान के बहुविषयक अनुसंधान, कृषि विज्ञान केन्द्र की गतिविधियों, क्षेत्रीय प्रदर्शनों तथा किसान-केन्द्रित नवाचारों की सराहना करते हुए श्री अभय महाजन ने सतत तटीय कृषि एवं ग्रामीण विकास की दिशा में भाकृअनुप–सीसीएआरआई के महत्वपूर्ण योगदान की प्रशंसा की। उन्होंने किसानों तथा अन्य हितधारकों के लाभ के लिए अनुसंधान, नवाचार और प्रौद्योगिकी प्रसार के क्षेत्र में संस्थान की निरंतर उत्कृष्टता के लिए अपनी शुभकामनाएं भी दीं।

(स्रोत: डेयर–केन्द्रीय तटीय कृषि अनुसंधान संस्थान, गोवा)

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