गोवा के पुलिस महानिदेशक ने तटीय कृषि नवाचारों की समीक्षा के लिए भाकृअनुप–सीसीएआरआई, गोवा का किया दौरा

गोवा के पुलिस महानिदेशक ने तटीय कृषि नवाचारों की समीक्षा के लिए भाकृअनुप–सीसीएआरआई, गोवा का किया दौरा

20 जून, 2026, गोवा

श्री आलोक कुमार, आईपीएस, पुलिस महानिदेशक, गोवा ने आज भाकृअनुप–केन्द्रीय तटीय कृषि अनुसंधान संस्थान (भाकृअनुप–सीसीएआरआई), गोवा, का दौरा किया। इस अवसर पर डॉ. परवीन कुमार, निदेशक, भाकृअनुप–सीसीएआरआई, ने उन्हें तटीय कृषि की स्थिरता एवं लचीलापन बढ़ाने के उद्देश्य से संस्थान द्वारा संचालित अनुसंधान, विकास, विस्तार तथा क्षमता निर्माण संबंधी पहलों की जानकारी दी।

पुलिस महानिदेशक ने संस्थान के अनुसंधान फार्म, क्षेत्रीय सुविधाओं तथा मृदा विज्ञान प्रयोगशाला का भ्रमण किया, जहाँ उन्हें तटीय पारिस्थितिकी तंत्र के लिए विकसित विभिन्न प्रौद्योगिकियों एवं नवाचारों से अवगत कराया गया। उन्होंने एकीकृत कृषि प्रणाली (आईएफएस) इकाइयों का भी अवलोकन किया, जिनमें फसल, पशुधन, मत्स्य तथा बागवानी आधारित एकीकृत उद्यमों का प्रदर्शन किया गया। इनका उद्देश्य संसाधनों के उपयोग की दक्षता, कृषि लाभप्रदता तथा स्थिरता में सुधार करना है।

Director General of Police, Goa, Visits ICAR–CCARI to Review Coastal Agriculture Innovations

दौरे के दौरान श्री आलोक कुमार ने बायोमास पुनर्चक्रण इकाई, बायोगैस इकाई तथा फॉस्फेट समृद्ध जैविक खाद (प्रोम) उत्पादन इकाई का निरीक्षण किया, जहाँ कृषि एवं जैविक अपशिष्टों के पुनर्चक्रण द्वारा उन्हें मूल्यवान कृषि आदानों में परिवर्तित करने वाली नवीन प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन किया गया। उन्होंने पशु विज्ञान इकाई, चारा कैफेटेरिया तथा पोल्ट्री एवं हैचरी इकाई का भी भ्रमण किया, जहाँ एकीकृत पशुधन आधारित कृषि पद्धतियों, विविध चारा संसाधनों तथा संसाधन-कुशल उत्पादन प्रणालियों का प्रदर्शन किया गया।
 

Director General of Police, Goa, Visits ICAR–CCARI to Review Coastal Agriculture Innovations

पुलिस महानिदेशक ने आगे संस्थान की कृषि पारिस्थितिकी पर्यटन (एईटी) सुविधा, ज्योतिषीय महत्व वाली नवग्रह–राशि–नक्षत्र वाटिका, बांस उद्यान (बैम्बुसेटम) तथा वर्षा जल संचयन एवं जल संरक्षण सुविधाओं सहित विभिन्न प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन संरचनाओं का भी अवलोकन किया। उन्हें संस्थान द्वारा संचालित व्यापक विस्तार एवं क्षमता निर्माण कार्यक्रमों की भी जानकारी दी गई, जिनके माध्यम से प्रतिवर्ष हजारों किसानों, विद्यार्थियों, उद्यमियों, शोधकर्ताओं तथा अन्य हितधारकों को सतत कृषि पद्धतियों एवं उभरती प्रौद्योगिकियों का प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।

संस्थान के बहुविषयक अनुसंधान एवं विकास प्रयासों की सराहना करते हुए श्री आलोक कुमार ने आईसीएआर–सीसीएआरआई की नवीन प्रौद्योगिकियों, सतत कृषि पद्धतियों तथा सुव्यवस्थित अनुसंधान एवं प्रदर्शन सुविधाओं की प्रशंसा की, जो किसानों, विद्यार्थियों, उद्यमियों तथा अन्य हितधारकों के लिए मूल्यवान शिक्षण मंच के रूप में कार्य करती हैं।

(स्रोत: भाकृअनुप–केन्द्रीय तटीय कृषि अनुसंधान संस्थान, गोवा)

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