केवीके गंजाम-II ने कृषि आदान विक्रेताओं के लिए 15-दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम का शुभारंभ किया

केवीके गंजाम-II ने कृषि आदान विक्रेताओं के लिए 15-दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम का शुभारंभ किया

3 अगस्त, 2026, गंजाम

जमीनी स्तर पर वैज्ञानिक कृषि परामर्श सेवाओं को सुदृढ़ करने की एक महत्वपूर्ण पहल के अंतर्गत, भाकृअनुप–कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान (एटारी), कोलकाता, के अधिकार क्षेत्र में कार्यरत कृषि विज्ञान केंद्र (ओयूएटी), गंजाम-II ने गंजाम जिले के कृषि आदान विक्रेताओं के लिए 15-दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया। ओडिशा सरकार द्वारा प्रायोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य कृषि आदान विक्रेताओं की तकनीकी दक्षता को बढ़ाना तथा किसानों के बीच कृषि आदानों के वैज्ञानिक, संतुलित और सतत उपयोग को प्रोत्साहित करना है।

वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए डॉ. प्रदीप डे, निदेशक, भाकृअनुप–अटारी, कोलकाता, ने कहा कि कृषि आदान विक्रेता देश की कृषि प्रसार प्रणाली के महत्वपूर्ण साझेदार हैं और वैज्ञानिक प्रौद्योगिकियों की अंतिम छोर तक पहुंच सुनिश्चित करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि निरंतर क्षमता निर्माण के माध्यम से कृषि आदान विक्रेताओं को ज्ञान साझेदारों में परिवर्तित करना मृदा परीक्षण आधारित पोषक तत्व प्रबंधन, संतुलित उर्वरक उपयोग तथा जलवायु-सहिष्णु कृषि को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक रूप से प्रशिक्षित आदान विक्रेता किसानों की आय बढ़ाने, मृदा स्वास्थ्य को पुनर्स्थापित करने तथा सतत कृषि विकास के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप संसाधन-कुशल कृषि को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

कार्यक्रम में इस बात पर प्रकाश डाला गया कि कृषि आदान विक्रेता बीज, उर्वरक, पौध संरक्षण रसायनों तथा अन्य कृषि आदानों के संबंध में सलाह प्राप्त करने वाले किसानों के लिए प्रथम संपर्क बिंदु होते हैं। यह रेखांकित किया गया कि वैज्ञानिक रूप से प्रशिक्षित आदान विक्रेता उन्नत प्रौद्योगिकियों और सतत कृषि पद्धतियों को अपनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए नियमित क्षमता निर्माण कार्यक्रम अत्यंत आवश्यक हैं।

किसानों तक उन्नत कृषि प्रौद्योगिकियों के प्रभावी प्रसार को सुनिश्चित करने के लिए अनुसंधान संस्थानों, प्रसार एजेंसियों, सरकारी विभागों और कृषि आदान विक्रेताओं के बीच घनिष्ठ समन्वय के महत्व पर भी बल दिया गया।

KVK Ganjam-II Launches 15-Day Capacity Building Programme for Agricultural Input Dealers

प्रतिभागियों का स्वागत कृषि आदान विक्रेताओं द्वारा अपने तकनीकी ज्ञान को अद्यतन करने के प्रति दिखाए गए उत्साह की सराहना के साथ किया गया। यह उल्लेख किया गया कि यह प्रशिक्षण उन्हें उर्वरकों की कमी जैसी उभरती चुनौतियों का समाधान करने, कुशल पोषक तत्व प्रबंधन को बढ़ावा देने तथा बदलते कृषि परिदृश्य में किसानों को वैज्ञानिक रूप से सुदृढ़ परामर्श सेवाएं प्रदान करने में सक्षम बनाएगा।

यह व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम मृदा उर्वरता प्रबंधन, मृदा परीक्षण, मृदा परीक्षण आधारित उर्वरक अनुशंसाएं, संतुलित उर्वरक उपयोग तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल करेगा। प्रतिभागियों को पोषक तत्व असंतुलन, मृदा कार्बनिक कार्बन में गिरावट, पोषक तत्व उपयोग दक्षता में कमी, प्राकृतिक खेती तथा उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग के पर्यावरणीय प्रभावों जैसे उभरते मुद्दों पर भी व्यावहारिक जानकारी प्रदान की जाएगी।

विशेषज्ञों ने जोर देकर कहा कि मृदा परीक्षण आधारित उर्वरक अनुशंसाएं मृदा स्वास्थ्य बनाए रखने, उर्वरक उपयोग दक्षता बढ़ाने तथा सतत फसल उत्पादन सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। कृषि आदान विक्रेताओं को नवीनतम वैज्ञानिक ज्ञान से सुसज्जित करके यह कार्यक्रम उन्हें विश्वसनीय प्रसार साझेदारों में परिवर्तित करने का प्रयास करता है, जो किसानों को अधिक उत्पादक, लाभकारी और पर्यावरणीय रूप से सतत कृषि की दिशा में मार्गदर्शन देने में सक्षम हों।

कार्यक्रम में जिले के विभिन्न भागों का प्रतिनिधित्व करने वाले कुल 30 कृषि आदान विक्रेता भाग ले रहे हैं। इस पहल से कृषि आदान विक्रेताओं की पेशेवर दक्षता सुदृढ़ होने तथा कृषि विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका और मजबूत होने की अपेक्षा है, जिससे अंततः गंजाम जिले में बेहतर मृदा स्वास्थ्य, उच्च कृषि उत्पादकता और अधिक सहिष्णु कृषि प्रणालियों को बढ़ावा मिलेगा।

(स्रोत: भाकृअनुप–कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, कोलकाता)

×