22 जून, 2026, मऊ, उत्तर प्रदेश
देशव्यापी खेत बचाओ अभियान 2026 के अंतर्गत भाकृअनुप–राष्ट्रीय कृषि महत्त्वपूर्ण सूक्ष्मजीव ब्यूरो (भाकृअनुप-एनबीएआईएम), मऊ, उत्तर प्रदेश द्वारा आज मऊ जनपद के मनीहारी विकासखंड के सिखारी गाँव में किसान जागरूकता एवं विस्तार कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य मृदा उर्वरता में सुधार, फसल उत्पादकता बढ़ाने तथा सतत कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने में लाभकारी सूक्ष्मजीवों की भूमिका के प्रति किसानों में जागरूकता बढ़ाना था।
तकनीकी सत्रों के दौरान भाकृअनुप-एनबीएआईएम के वैज्ञानिकों ने एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन, नियमित मृदा परीक्षण तथा पोषक तत्वों की उपलब्धता बढ़ाने, मृदा उर्वरता बनाए रखने और फसल वृद्धि को प्रोत्साहित करने के लिए सूक्ष्मजीवी प्रौद्योगिकियों के उपयोग के महत्व पर बल दिया। किसानों को पोषक तत्व उपयोग दक्षता बढ़ाने तथा लचीली एवं सतत फसल प्रणालियों को समर्थन देने में लाभकारी सूक्ष्मजीवों की भूमिका के प्रति भी जागरूक किया गया।

प्रौद्योगिकी प्रसार कार्यक्रम के अंतर्गत सहभागी किसानों को भाकृअनुप-एनबीएआईएम द्वारा विकसित फॉस्फेट घुलनशील सूक्ष्मजीवी जैव-फॉर्मूलेशन बायो-फॉस उपलब्ध कराया गया। वैज्ञानिकों ने इसके प्रयोग की विधि का प्रदर्शन किया तथा बताया कि यह मृदा में उपस्थित अघुलनशील फॉस्फोरस को पौधों के लिए उपलब्ध रूप में परिवर्तित करता है, जिससे फॉस्फोरस अवशोषण बढ़ता है, पौधों की वृद्धि को प्रोत्साहन मिलता है तथा फसल उत्पादन में सुधार होता है।
कार्यक्रम में मृदा स्वास्थ्य सुधारने, पोषक तत्व उपयोग दक्षता को अधिकतम करने, रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने तथा पर्यावरणीय रूप से सतत कृषि को बढ़ावा देने के लिए सूक्ष्मजीवी जैव उर्वरकों की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम में कुल 55 किसानों, जिनमें 25 पुरुष और 30 महिलाएँ शामिल थीं, ने भाग लिया।
(स्रोत: भाकृअनुप-राष्ट्रीय कृषि महत्त्वपूर्ण सूक्ष्मजीव ब्यूरो, मऊ, उत्तर प्रदेश)







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