20 जून, 2026, मऊ, उत्तर प्रदेश
देशव्यापी खेत बचाओ अभियान 2026 के अंतर्गत भाकृअनुप–राष्ट्रीय कृषि महत्त्वपूर्ण सूक्ष्मजीव ब्यूरो (भाकृअनुप-एनबीएआईएम), मऊ, उत्तर प्रदेश द्वारा आज मऊ जनपद के परदाहा विकासखंड के सुराबोझ गाँव में किसान जागरूकता एवं विस्तार कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण-अनुकूल प्रौद्योगिकियों के माध्यम से मृदा उर्वरता में सुधार, फसल उत्पादकता बढ़ाने तथा सतत कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने में लाभकारी सूक्ष्मजीवों की भूमिका के प्रति किसानों में जागरूकता उत्पन्न करना था।
तकनीकी सत्रों के दौरान भाकृअनुप-एनबीएआईएम के वैज्ञानिकों ने एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन, नियमित मृदा परीक्षण तथा पोषक तत्वों की उपलब्धता बढ़ाने, मृदा स्वास्थ्य बनाए रखने तथा सतत फसल उत्पादन को समर्थन देने के लिए सूक्ष्मजीवी प्रौद्योगिकियों के उपयोग के महत्व पर प्रकाश डाला। किसानों को पोषक तत्व उपयोग दक्षता बढ़ाने, मृदा उर्वरता बनाए रखने तथा लचीली फसल प्रणालियों को सुदृढ़ करने में लाभकारी सूक्ष्मजीवों की भूमिका के प्रति भी जागरूक किया गया।

प्रौद्योगिकी प्रसार कार्यक्रम के अंतर्गत सहभागी किसानों को भाकृअनुप-एनबीएआईएम द्वारा विकसित फॉस्फेट घुलनशील सूक्ष्मजीवी जैव-फॉर्मूलेशन बायो-फॉस उपलब्ध कराया गया। वैज्ञानिकों ने इसके प्रयोग की विधि का प्रदर्शन किया तथा बताया कि यह मृदा में उपस्थित अघुलनशील फॉस्फोरस को पौधों के लिए उपलब्ध रूप में परिवर्तित करता है, जिससे फॉस्फोरस का अवशोषण बढ़ता है, पौधों की वृद्धि को प्रोत्साहन मिलता है तथा फसल उत्पादन में वृद्धि होती है।
कार्यक्रम में मृदा स्वास्थ्य सुधारने, पोषक तत्व उपयोग दक्षता बढ़ाने, रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने तथा पर्यावरणीय रूप से सतत कृषि को बढ़ावा देने में सूक्ष्मजीवी जैव-आदानों की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम में कुल 57 किसानों, जिनमें 30 पुरुष और 27 महिलाएँ शामिल थीं, ने भाग लिया।
(स्रोत: भाकृअनुप-राष्ट्रीय कृषि महत्त्वपूर्ण सूक्ष्मजीव ब्यूरो, मऊ, उत्तर प्रदेश)







फेसबुक पर लाइक करें
यूट्यूब पर सदस्यता लें
X पर फॉलो करना X
इंस्टाग्राम पर लाइक करें