अक्षय तृतीया के अवसर पर “मिट्टी से पोषण तक” अभियान के तहत संतुलित उर्वरक उपयोग एवं लचीली कृषि को बढ़ावा

अक्षय तृतीया के अवसर पर “मिट्टी से पोषण तक” अभियान के तहत संतुलित उर्वरक उपयोग एवं लचीली कृषि को बढ़ावा

20 अप्रैल, 2026, जगतसिंहपुर

आज अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर, जिला प्रशासन और केवीके (ओयूएटी), जगतसिंहपुर द्वारा संयुक्त रूप से “किसान दिवस-सह-संतुलित उर्वरक उपयोग अभियान” का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम टिकाऊ और मृदा-केन्द्रित कृषि की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। यह आयोजन “धरित्री माता बचाओ निगरानी समिति अभियान” के तहत किया गया, जिसका उद्देश्य दीर्घकालिक कृषि स्थिरता के लिए मृदा संरक्षण का संदेश देना था।

कार्यक्रम का उद्घाटन जिले के विशिष्ट प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में किया गया, जो किसान-केन्द्रित विकास के प्रति प्रशासनिक समन्वय तथा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

From Soil to Sustenance on Akshaya Tritiya: A Campaign for Balanced Fertilisation and Resilient Agriculture

डॉ. प्रदीप डे, निदेशक, भाकृअनुप–कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, कोलकाता, ने लचीली कृषि तथा खाद्य सुरक्षा के लिए पोषक तत्व प्रबंधन में वैज्ञानिक और समन्वित दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने मृदा स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर उर्वरक उपयोग, हरी खाद एवं जैविक इनपुट के माध्यम से मृदा जैविक पदार्थ बढ़ाने, तथा समेकित पोषक तत्व प्रबंधन (आईएनएम) के तहत संतुलित उर्वरीकरण को बढ़ावा देने की वकालत की। साथ ही उन्होंने यूरिया एवं डीएपी के अंधाधुंध उपयोग के प्रति चेतावनी दी।

तकनीकी सत्रों में वैज्ञानिक पोषक तत्व प्रबंधन पर ध्यान केन्द्रित किया गया, जिसमें मृदा स्वास्थ्य कार्ड आधारित संतुलित उर्वरीकरण, समेकित पोषक तत्व प्रबंधन (आईएनएम), तथा धान में नाइट्रोजन प्रबंधन के लिए लीफ कलर चार्ट (एलसीसी) के उपयोग पर जोर दिया गया।

किसानों को हरी खाद, प्राकृतिक खेती, सूक्ष्म पोषक तत्वों के उपयोग एवं जैव उर्वरकों के बारे में भी जागरूक किया गया, जिससे मृदा स्वास्थ्य में सुधार और उत्पादकता बढ़ाने के लिए एक समग्र दृष्टिकोण को बढ़ावा मिल सके। आगामी खरीफ सीजन के लिए मृदा परीक्षण तथा मृदा स्वास्थ्य कार्ड की सिफारिशों को अपनाने पर विशेष जोर दिया गया।

From Soil to Sustenance on Akshaya Tritiya: A Campaign for Balanced Fertilisation and Resilient Agriculture

निरंतर जन-जागरूकता रणनीति के तहत, केवीके जगतसिंहपुर विभिन्न ग्राम पंचायतों में ऐसे उर्वरक जागरूकता अभियान आयोजित कर रहा है, ताकि आवश्यकता के अनुसार और संतुलित उर्वरक उपयोग को बढ़ावा दिया जा सके।

इस अभियान में लगभग 200 किसानों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।

(स्रोत: भाकृअनुप–कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, कोलकाता)

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