21 अक्टूबर 2026, मोतिहारी, बिहार
भाकृअनुप–महात्मा गांधी समेकित कृषि अनुसंधान संस्थान, मोतिहारी, बिहार ने आज विशेष अभियान 6.0 के तहत भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी (आईआरसीएस), जिला शाखा, मोतिहारी के सहयोग से रक्तदान एवं स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य स्वैच्छिक रक्तदान, निवारक स्वास्थ्य देखभाल, कर्मचारी कल्याण और सामाजिक उत्तरदायित्व को बढ़ावा देना था। शिविर में संस्थान के कार्मिकों ने सक्रिय भागीदारी की, जिन्होंने स्वेच्छा से 16 यूनिट रक्तदान किया, जो मानवीय सेवा और सामुदायिक कल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
कार्यक्रम का आयोजन निदेशक, भाकृअनुप-एमजीआईएफआरआई के मार्गदर्शन में भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, मोतिहारी के सहयोग से किया गया। रेड क्रॉस के प्रतिनिधिमंडल में डॉ. एस. के. भारती, अध्यक्ष, भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, मोतिहारी और डॉ. अशोक कुमार, चिकित्सा अधिकारी, के साथ सहयोगी चिकित्सा कर्मी शामिल थे।

रेड क्रॉस प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए निदेशक, भाकृअनुप-एमजीआईएफआरआई ने इस पहल के आयोजन में उनके सहयोग की सराहना की और कर्मचारी कल्याण, संस्थागत उत्तरदायित्व तथा नागरिक-केन्द्रित गतिविधियों को बढ़ावा देने में विशेष अभियान 6.0 के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि वैज्ञानिक संस्थानों की कृषि अनुसंधान और प्रौद्योगिकी प्रसार से परे भी व्यापक भूमिका है, जिसमें सार्वजनिक स्वास्थ्य जागरूकता और सामुदायिक कल्याण में योगदान देना शामिल है। उन्होंने जीवनरक्षक कार्य के रूप में स्वैच्छिक रक्तदान के महत्व को भी रेखांकित किया और संस्थान के कार्मिकों को मानवीय पहलों में भाग लेने तथा निवारक स्वास्थ्य देखभाल पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
डॉ. एस. के. भारती ने स्वैच्छिक रक्तदान के महत्व और मानवीय सेवाओं में भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने भाकृअनुप-एमजीआईएफआरआई की पहल की सराहना की और समुदाय-उन्मुख सेवाओं को मजबूत करने के लिए वैज्ञानिक संस्थानों तथा स्वास्थ्य सेवा संगठनों के बीच निरंतर सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।
डॉ. अशोक कुमार ने प्रतिभागियों के साथ बातचीत की और उन्हें रक्तदाता पात्रता, सुरक्षित रक्तदान पद्धतियों, आवश्यक स्वास्थ्य सावधानियों तथा पर्याप्त रक्त आपूर्ति बनाए रखने के महत्व के बारे में जागरूक किया। चिकित्सा दल ने रक्तदान प्रक्रिया को सुगम बनाया और प्रतिभागियों को उचित चिकित्सा मार्गदर्शन प्रदान किया।

स्वास्थ्य जांच और जागरूकता गतिविधियों में नियमित चिकित्सा जांच, समय पर चिकित्सकीय परामर्श और स्वस्थ जीवनशैली संबंधी पद्धतियों के महत्व पर जोर दिया गया। वैज्ञानिकों, तकनीकी एवं प्रशासनिक कर्मचारियों और संस्थान के अन्य कार्मिकों ने कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लिया, जो सामाजिक उत्तरदायित्व और मानवीय सेवा के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है। 16 यूनिट रक्तदान इस कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण रहा, जिसने इस संदेश को सुदृढ़ किया कि सामूहिक संस्थागत प्रयास समाज में सार्थक योगदान दे सकते हैं।
इस पहल ने कर्मचारी कल्याण, सार्वजनिक स्वास्थ्य जागरूकता, संस्थागत भागीदारी और समुदाय-उन्मुख सेवा को बढ़ावा देकर विशेष अभियान 6.0 के उद्देश्यों को प्रतिबिंबित किया। इसने मानवीय गतिविधियों और निवारक स्वास्थ्य देखभाल जागरूकता को आगे बढ़ाने में आईसीएआर-एमजीआईएफआरआई और भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, मोतिहारी के बीच सहयोग को भी मजबूत किया।
इस पहल के माध्यम से भाकृअनुप-एमजीआईएफआरआई ने सामाजिक उत्तरदायित्व और सामुदायिक कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि करते हुए यह संदेश दिया: “रक्तदान करें, जीवन बचाएं—दयालुता का एक छोटा-सा कार्य, जीवन बचाने वाला योगदान।”
(स्रोत: भाकृअनुप–महात्मा गांधी समेकित कृषि अनुसंधान संस्थान, मोतिहारी, बिहार)








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