17 सितंबर, 2026, मऊ
भाकृअनुप-राष्ट्रीय कृषि महत्त्व के सूक्ष्मजीव ब्यूरो, मऊ ने आज अंतरराष्ट्रीय सूक्ष्मजीव दिवस (आईएमडी) 2026 मनाया, जिसका उद्देश्य सूक्ष्मजीवों के महत्व को रेखांकित करना और युवा विद्यार्थियों के बीच सूक्ष्मजीव विज्ञान के प्रति वैज्ञानिक जिज्ञासा और रुचि को बढ़ावा देना था।
अंतरराष्ट्रीय सूक्ष्मजीव दिवस प्रतिवर्ष 17 सितंबर को मनाया जाता है, ताकि मानव स्वास्थ्य, खाद्य एवं कृषि, पर्यावरण, जैव प्रौद्योगिकी और वैज्ञानिक अनुसंधान में सूक्ष्मजीवों के महत्वपूर्ण योगदान को मान्यता दी जा सके। यह दिवस एंटोनी वान ल्यूवेनहूक के अग्रणी कार्यों की स्मृति में मनाया जाता है, जिन्होंने 17 सितंबर 1683 को रॉयल सोसाइटी ऑफ लंदन को लिखे एक पत्र में सूक्ष्मजीवों के अपने अवलोकनों की जानकारी दी थी।

गतिविधियों को इस प्रकार तैयार किया गया था कि विद्यार्थियों के बीच वैज्ञानिक जिज्ञासा, रचनात्मकता और नवाचार को बढ़ावा मिले तथा कृषि, मानव स्वास्थ्य, खाद्य, जैव प्रौद्योगिकी और पर्यावरणीय स्थिरता में सूक्ष्मजीवों की विविध एवं लाभकारी भूमिकाओं के प्रति उनकी समझ विकसित हो।
डॉ. आलोक कुमार श्रीवास्तव, निदेशक, भाकृअनुप-एनबीएआईएम के भाकृअनुप-एनबीएआईएम, ने संस्थान के वैज्ञानिकों के साथ कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई और विद्यार्थियों को सूक्ष्मजीव विज्ञान, वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार के प्रति अपनी रुचि को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया।
यह आयोजन विद्यार्थियों को वैज्ञानिकों के साथ संवाद करने और सूक्ष्मजीवों की आकर्षक दुनिया के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए एक संवादात्मक मंच प्रदान करता है। इसने कृषि, स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा और पर्यावरणीय स्थिरता से जुड़ी समकालीन चुनौतियों के समाधान में सूक्ष्मजीवों की अपार संभावनाओं को भी रेखांकित किया।

कार्यक्रम का समापन युवा विद्यार्थियों के बीच वैज्ञानिक रुचि विकसित करने और अगली पीढ़ी को सूक्ष्मजीव विज्ञान तथा इसके सामाजिक एवं सतत विकास के अनुप्रयोगों का अन्वेषण करने के लिए प्रेरित करने पर जोर देते हुए हुआ।
कार्यक्रम में कुल 70 विद्यार्थियों और 7 संकाय सदस्यों ने भाग लिया।
(स्रोत: भाकृअनुप-राष्ट्रीय कृषि महत्त्व के सूक्ष्मजीव ब्यूरो, मऊ)







फेसबुक पर लाइक करें
यूट्यूब पर सदस्यता लें
X पर फॉलो करना X
इंस्टाग्राम पर लाइक करें