भाकृअनुप–राष्ट्रीय मीट अनुसंधान संस्थान (एनएमआरआई), हैदराबाद, ने ‘ठंडे वध किए गए चिकन मांस की प्रमाणिकता की जांच की विधि’ शीर्षक से अपने नवीन आविष्कार के लिए भारतीय पेटेंट प्राप्त कर एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक उपलब्धि हासिल की है। यह नवाचार मांस की गुणवत्ता, प्रमाणिकता एवं उपभोक्ता संरक्षण सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

यह पेटेंटेड तकनीक प्रोटिओमिक्स-आधारित रणनीति पर आधारित है, जिसमें उन्नत विश्लेषणात्मक तकनीकों का उपयोग करके ठंडे वध किए गए चिकन मांस के लिए विशिष्ट, ऊष्मा-स्थिर हीमोग्लोबिन-व्युत्पन्न पेप्टाइड बायोमार्कर्स की पहचान की जाती है। लक्षित मास स्पेक्ट्रोमेट्री के माध्यम से यह विधि ठंडे वध किए गए और ताज़ा वध किए गए चिकन के बीच सटीक अंतर करने में सक्षम है तथा नियामक एवं औद्योगिक उपयोग के लिए विश्वसनीय सत्यापन प्रदान करती है।
इस शोध का आधारभूत कार्य सहकर्मी-समीक्षित (पीयर-रिव्यूड) है और इसे फूड केमिस्ट्री तथा ब्रिटिश पोल्ट्री साइंस जैसी प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में प्रकाशित किया गया है। यह उपलब्धि मांस विज्ञान तथा खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में नवाचार, अनुप्रयुक्त अनुसंधान एवं सामाजिक प्रभाव के प्रति भाकृअनुप और भाकृअनुप–एनएमआरआई की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
(स्रोत: भाकृअनुप–राष्ट्रीय मीट अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद)







फेसबुक पर लाइक करें
यूट्यूब पर सदस्यता लें
X पर फॉलो करना X
इंस्टाग्राम पर लाइक करें