16 अक्टूबर, 2026, गोवा
भाकृअनुप–केन्द्रीय तटीय कृषि अनुसंधान संस्थान, गोवा ने 15-16 अक्टूबर, 2026 के दौरान “आजीविका, पोषण सुरक्षा एवं महिला सशक्तिकरण के लिए वैज्ञानिक कुक्कुट पालन” पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया।
कार्यक्रम को गोवा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (जीएसआरएलएम), ग्रामीण विकास विभाग, गोवा सरकार द्वारा प्रायोजित किया गया था, जिसका उद्देश्य वैज्ञानिक कुक्कुट उत्पादन, आय सृजन और पोषण सुरक्षा में महिला किसानों और ग्रामीण स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के ज्ञान और कौशल को बढ़ाना था।
कार्यक्रम का उद्देश्य महिला किसानों में कुक्कुट पालन के वैज्ञानिक कौशल को विकसित करना और चार अलग-अलग बैचों में कुल 108 महिला स्वयं सहायता समूह सदस्यों में उद्यमिता का विकास करना था। इस प्रशिक्षण में कुल 26 महिला किसानों ने कार्यक्रम में भाग लिया।

उद्घाटन सत्र में डॉ. परवीन कुमार, निदेशक, भाकृअनुप-सीसीएआरआई, ने ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने एवं टिकाऊ आय-सृजन गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने में वैज्ञानिक कुक्कुट पालन के महत्व पर जोर दिया।
तकनीकी सत्रों में कुक्कुट नस्लों, आवास, आहार, स्वास्थ्य, रोग की रोकथाम, प्रजनन प्रबंधन, हैचरी पद्धतियों तथा अपशिष्ट उपयोग को शामिल किया गया। पोषण सुरक्षा, उन्नत प्रौद्योगिकियों और उद्यमिता पर व्यावहारिक प्रदर्शनों और चर्चाओं ने महिलाओं की आजीविका बढ़ाने में कुक्कुट पालन की क्षमता को रेखांकित किया। प्रशिक्षण के दौरान किसानों को कुशल सिंचाई पद्धतियों, वर्षा जल संचयन और उन्नत जल प्रबंधन तकनीकों के माध्यम से जल संरक्षण तथा जल संसाधनों के सतत उपयोग के महत्व से अवगत कराया गया, ताकि कृषि उत्पादन के लिए दीर्घकालिक जल उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

कार्यक्रम की एक उल्लेखनीय विशेषता संजीव स्वयं सहायता समूह (एसएचजी), असोनोरा, बारदेज, गोवा द्वारा ब्लिस ड्रॉप ब्रांड नाम के तहत मूल्यवर्धित उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री थी। एसएचजी ने पैकेज्ड खाद्य उत्पादों, सॉस और अन्य बोतलबंद मूल्यवर्धित उत्पादों सहित विभिन्न उत्पादों का प्रदर्शन किया।
इस पहल ने उत्पाद विकास, मूल्य संवर्धन, विपणन और उद्यम निर्माण में महिलाओं के नेतृत्व वाले एसएचजी की भूमिका को रेखांकित किया, जिससे पूरक आय के अवसर पैदा हुए और ग्रामीण उद्यमिता को मजबूती मिली।
कार्यक्रम का समापन महिला किसानों को व्यावहारिक चुनौतियों से पार पाने और सफल कुक्कुट उद्यमी के रूप में उभरने के लिए प्रोत्साहित करते हुए किया गया, जो ग्रामीण आजीविका में अपने योगदान के लिए मान्यता की हकदार हैं।
(स्रोत: भाकृअनुप–केन्द्रीय तटीय कृषि अनुसंधान संस्थान, गोवा)








फेसबुक पर लाइक करें
यूट्यूब पर सदस्यता लें
X पर फॉलो करना X
इंस्टाग्राम पर लाइक करें