23 अप्रैल, 2026, गोवा
भाकृअनुप–केन्द्रीय तटीय कृषि अनुसंधान संस्थान, गोवा के अंतर्गत फर्टिलाइज़र एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एपएआई), पश्चिमी क्षेत्र द्वारा आज उत्तर गोवा के कैलंगुट में एक प्रबंधन विकास कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के तहत “जलवायु-स्मार्ट कृषि में संतुलित उर्वरक उपयोग” विषय पर एक तकनीकी सत्र भी आयोजित किया गया। इस अवसर पर जलवायु-स्मार्ट कृषि के संदर्भ में संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व पर एक विशेषज्ञ व्याख्यान दिया गया। वक्ता ने फसल उत्पादकता बढ़ाने, पोषक तत्व उपयोग दक्षता सुधारने, पर्यावरण प्रदूषण कम करने तथा जलवायु परिवर्तन के प्रति सहनशीलता बढ़ाने के लिए संतुलित एवं सटीक पोषक तत्व प्रबंधन की आवश्यकता पर बल दिया।
मृदा उर्वरता बनाए रखने और दीर्घकालिक कृषि उत्पादकता सुनिश्चित करने के लिए स्थान-विशिष्ट एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन, हरी खाद, जैव-संपोषित फसलें, फॉस्फेट-समृद्ध जैविक खादों के उपयोग तथा धीमी एवं नियंत्रित-विमोचन उर्वरक निरूपण के उपयोग पर भी जोर दिया गया।व्याख्यान में जलवायु-स्मार्ट पोषक तत्व प्रबंधन को समर्थन देने हेतु डिजिटल उपकरणों और मौसम-आधारित कृषि परामर्श सेवाओं के एकीकरण के महत्व को भी रेखांकित किया गया।

यह भी बताया गया कि वैज्ञानिक पोषक तत्व प्रबंधन पद्धतियों को पारंपरिक कृषि ज्ञान के साथ जोड़कर किसान बदलती जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप बेहतर ढंग से अनुकूलन कर सकते हैं और सतत फसल उत्पादन बनाए रख सकते हैं। साथ ही, डिजिटल तकनीकों से समर्थित सटीक पोषक तत्व प्रबंधन की भूमिका उर्वरक उपयोग दक्षता बढ़ाने में अत्यंत महत्वपूर्ण बताई गई।
इस कार्यक्रम में विभिन्न उर्वरक कंपनियों जैसे इंडियन पोटाश लिमिटेड, इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइज़र कोऑपरेटिव लिमिटेड, कोरोमंडल इंटरनेशनल लिमिटेड, राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स लिमिटेड, हिंदाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड, वेदांत एग्रो साइंस टेक्नोलॉजीज प्रा. लि., पारादीप फॉस्फेट्स लिमिटेड, आईसीएल ग्रोइंग सॉल्यूशंस तथा हिंदुस्तान उर्वरक एंड रसायन लिमिटेड के 20 वरिष्ठ एवं मध्य-स्तरीय प्रबंधन अधिकारियों/प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
(स्रोत: भाकृअनुप–केन्द्रीय तटीय कृषि अनुसंधान संस्थान, गोवा)







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