भाकृअनुप-एनआरसीओ, सिक्किम ने आर्किड अनुसंधान और संरक्षण के 30 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाया

भाकृअनुप-एनआरसीओ, सिक्किम ने आर्किड अनुसंधान और संरक्षण के 30 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाया

5 अक्टूबर, 2026, सिक्किम

भाकृअनुप–राष्ट्रीय आर्किड अनुसंधान केन्द्र, पाक्योंग, सिक्किम का 30वां स्थापना दिवस आज “सतत जैव-अर्थव्यवस्था के लिए आर्किड: विकसित भारत की ओर मार्ग” विषय के तहत मनाया गया। इस अवसर पर आर्किड-आधारित उद्यमों के माध्यम से सतत आजीविका और आर्थिक अवसरों को बढ़ावा देने के लिए आर्किड अनुसंधान, संरक्षण, खेती और व्यावसायीकरण को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।

डॉ. शांतनु कुमार स्वैन, कुलपति, सिक्किम विश्वविद्यालय, ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई और स्थापना दिवस व्याख्यान दिया।

डॉ. एस.पी. दास, निदेशक, भाकृअनुप–एनआरसीओ, ने आर्किड संरक्षण, आनुवंशिक संसाधन प्रबंधन, संकर विकास और वैज्ञानिक अनुसंधान में केन्द्र की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने आर्किड की आर्थिक क्षमता और उत्पादकों, बाजारों, पर्यटन तथा आर्किड-आधारित उद्यमों के बीच संबंधों को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने आर्किड की खेती के विस्तार, उन्नत अनुसंधान सुविधाओं के विकास, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी)-आधारित प्रौद्योगिकियों के एकीकरण तथा आर्किड उत्पादकों के लिए बाजार के अवसरों को बढ़ाने हेतु प्रदर्शनियों और महोत्सवों के आयोजन की केन्द्र की भविष्य की योजनाओं की भी रूपरेखा प्रस्तुत की।

अन्य विशिष्ट गणमान्य व्यक्तियों में पश्चिम बंगाल के उत्तर बंग कृषि विश्वविद्यालय (यूबीकेवी) के बागवानी संकाय के डीन प्रो. सौमेन मैत्रा; आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एएनडीयूएटी), अयोध्या के डीन डॉ. संजीत कुमार; सिक्किम सरकार के बागवानी विभाग की अतिरिक्त निदेशक सुश्री पेमा छोडेन भूटिया; सिक्किम सरकार के बागवानी विभाग के अतिरिक्त निदेशक श्री टी. सी. भूटिया; और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।

कार्यक्रम में आर्किड की खेती और इसके प्रचार-प्रसार में उनके योगदान के लिए सिक्किम और दार्जिलिंग हिमालय के चैंपियन आर्किड उत्पादकों का सम्मान किया गया। समारोह के दौरान आधिकारिक भाकृअनुप–एनआरसीओ वेबसाइट का शुभारंभ, आईसीएआर–एनआरसीओ के आर्किड संकरों का विमोचन और “जाइगोन्यूट्री” – जाइगोपेटालम के लिए अनुकूलित पोषण, भाकृअनुप–एनआरसीओ कौशलता-वृक्षायुर्वेद, आर्किड एपॉक्सी टेबल और विभिन्न प्रकाशनों का अनावरण भी किया गया।

कार्यक्रम के तहत भाकृअनुप–एनआईपीबी, नई दिल्ली और भाकृअनुप–आईआईएबी, झारखंड द्वारा समर्थित उत्तर पूर्वी पर्वतीय (एनईएच) कार्यक्रमों तथा आईसीएआर–एनआरसीओ की जनजातीय उप-योजना (टीएसपी) के तहत सिक्किम और दार्जिलिंग क्षेत्र के उत्पादकों को आर्किड रोपण सामग्री और कृषि इनपुट वितरित किए गए।

समारोह के साथ पाक्योंग प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (पीएचसी) और क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान (आरएआरआई), गंगटोक के सहयोग से एक दिवसीय चिकित्सा शिविर भी आयोजित किया गया। दिनभर चले समारोह का समापन आरएआरआई की टीम द्वारा योग प्रदर्शन और एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ हुआ।

सिक्किम और दार्जिलिंग क्षेत्र के विभिन्न जिलों, जिनमें पोखरियाबोंग, मिरिक और रंगबांग शामिल हैं, के कुल 375 किसानों ने कार्यक्रम में भाग लिया और सभी को आर्किड रोपण सामग्री, स्प्रेयर, सिलपॉलिन शीट और शेड नेट से युक्त इनपुट प्रदान किए गए।

(स्रोत: भाकृअनुप–राष्ट्रीय आर्किड अनुसंधान केन्द्र, पाक्योंग, सिक्किम)

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