डेयर/भाकृअनुप ने राष्ट्रव्यापी स्वच्छता अभियानों तथा सफाई मित्रों के सम्मान के साथ विशेष अभियान 6.0 का किया शुभारंभ

डेयर/भाकृअनुप ने राष्ट्रव्यापी स्वच्छता अभियानों तथा सफाई मित्रों के सम्मान के साथ विशेष अभियान 6.0 का किया शुभारंभ

केन्द्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने गोवा में भाकृअनुप-सीसीएआरआई में सफाई मित्रों को सम्मानित किया

3 अक्टूबर, 2026

कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (डीएआरई) और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (भाकृअनुप) ने 2 अक्टूबर, 2026 को देशभर में स्थित भाकृअनुप संस्थानों और प्रतिष्ठानों में व्यापक स्वच्छता एवं साफ-सफाई गतिविधियों के साथ विशेष अभियान 6.0 का शुभारंभ किया। अभियान के शुभारंभ के अवसर पर भाकृअनुप मुख्यालय के अधिकारियों ने नई दिल्ली के पूसा स्थित राष्ट्रीय कृषि विज्ञान परिसर (एनएएससी) में स्वच्छता अभियानों में सक्रिय रूप से भाग लिया। यह अभियान स्वच्छ और स्वच्छतापूर्ण कार्यस्थलों को बढ़ावा देने, जन भागीदारी को प्रोत्साहित करने और स्वच्छता की भावना के अनुरूप स्वच्छता की निरंतर संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए डीएआरई और आईसीएआर की सामूहिक प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

विशेष अभियान 6.0 के तहत, देशभर में डीएआरई और भाकृअनुप के संस्थानों एवं प्रतिष्ठानों ने संस्थागत परिसरों, गांवों, सड़कों, रास्तों और अन्य चिन्हित क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान और श्रमदान सहित विभिन्न स्वच्छता एवं साफ-सफाई गतिविधियां आयोजित कीं।

स्वच्छता, साफ-सफाई, स्वच्छता संबंधी आदतों, अपशिष्ट प्रबंधन और सामुदायिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देने के लिए विशेष ग्राम सभाएं, स्वच्छता सभाएं और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। सार्वजनिक और संस्थागत स्थानों से कूड़ा-कचरा तथा अनावश्यक सामग्री एकत्र करने और हटाने के लिए प्लॉगिंग गतिविधियां आयोजित की गईं, जबकि “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत गतिविधियों सहित पौधरोपण और हरियाली पहलों के माध्यम से साफ किए गए क्षेत्रों को और बेहतर बनाया गया। जिम्मेदार अपशिष्ट निपटान और सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए चिन्हित स्थानों पर कूड़ेदान वितरित किए गए और लगाए गए।

स्वच्छता को बनाए रखने में योगदान के लिए सफाई मित्रों, स्वच्छता कर्मियों और स्वयंसेवकों को सम्मानित किया गया और उनके योगदान की सराहना की गई। अभियान में साफ किए गए स्थानों के सौंदर्यीकरण और रूपांतरण पर भी ध्यान केंद्रित किया गया, जिसमें पहले और बाद के फोटोग्राफिक दस्तावेजीकरण का सहयोग लिया गया। साथ ही, जलकुंभी की वर्मीकम्पोस्टिंग तथा उचित निपटान और रिकॉर्ड प्रबंधन के लिए पुरानी फाइलों की व्यवस्थित छंटाई और समीक्षा जैसी टिकाऊ पद्धतियों को बढ़ावा दिया गया।

इन पहलों के परिणामस्वरूप स्वच्छता में सामुदायिक भागीदारी और सामूहिक स्वामित्व में वृद्धि, संस्थागत और सार्वजनिक स्थानों की बेहतर स्वच्छता, जिम्मेदार अपशिष्ट निपटान के प्रति अधिक जागरूकता, पौधरोपण और हरियाली के माध्यम से पर्यावरणीय स्थिरता के साथ स्वच्छता का एकीकरण तथा सफाई मित्रों, स्वच्छता कर्मियों और स्वयंसेवकों के योगदान की व्यापक पहचान हुई। अभियान ने वर्मीकम्पोस्टिंग और पुराने अभिलेखों के व्यवस्थित प्रबंधन सहित व्यावहारिक पर्यावरणीय और संसाधन प्रबंधन पद्धतियों को भी प्रोत्साहित किया।

भाकृअनुप–केन्द्रीय तटीय कृषि अनुसंधान संस्थान, गोवा में इस अवसर का मुख्य आकर्षण श्रमिक सम्मान रहा, जिसमें केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने भाकृअनुप–सीसीएआरआई के सफाई मित्रों को शॉल, पुष्पगुच्छ और उपहार प्रदान कर सम्मानित किया। यह सम्मान उन सभी सफाई मित्रों की समर्पित सेवाओं की सराहना के रूप में दिया गया, जो पूरे वर्ष स्वच्छ और स्वच्छतापूर्ण परिसर बनाए रखने के लिए कार्य करते हैं। गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने स्वच्छता ही सेवा–2026 के तहत आईसीएआर–सीसीएआरआई की भागीदारी और प्रयासों की सराहना की।

केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री श्रीपद येसो नाईक और राज्यसभा सदस्य श्री सदानंद शेट तानावडे भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। कार्यक्रम में स्वच्छता, सेवा और श्रमिक सम्मान की भावना को रेखांकित किया गया तथा स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण के निर्माण में सफाई मित्रों के अमूल्य योगदान को मान्यता दी गई।

भाकृअनुप-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली ने 2 अक्टूबर, 2026 को “स्वच्छता में सहभाग – स्वच्छ भारत, विकसित भारत” विषय के तहत स्वच्छ भारत दिवस मनाया। इस अवसर पर संस्थान में विभिन्न स्वच्छता गतिविधियां आयोजित की गईं और स्वच्छ एवं स्वस्थ संस्थागत वातावरण बनाए रखने के लिए निरंतर भागीदारी का आह्वान किया गया। इस अवसर पर महात्मा गांधी की जयंती पर उन्हें पुष्पांजलि भी अर्पित की गई।

अपने संबोधन में डॉ. मांगी लाल जाट, सचिव (डेयर) एवं महानिदेशक (भाकृअनुप) ने सचिव (डेयर) एवं महानिदेशक (भाकृअनुप)-आईएआरआई द्वारा चलाए गए स्वच्छता अभियान की सराहना की और स्वच्छता को सालभर की गतिविधि बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता कार्यक्रम टीम आधारित तरीके से आयोजित किए जाने चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि स्वच्छता और बेहतर कार्यस्थल का वातावरण कर्मचारियों के समग्र कल्याण में योगदान करते हैं तथा विज्ञान की प्रगति और लोगों के स्वास्थ्य को समर्थन प्रदान करते हैं। डॉ. मांगी लाल जाट ने टीम निर्माण और सकारात्मक कार्यस्थल वातावरण तैयार करने के महत्व पर भी प्रकाश डाला तथा संस्थागत कार्यप्रणाली और मानसिक कल्याण दोनों के लिए इसकी प्रासंगिकता को रेखांकित किया। उन्होंने दूसरी पंक्ति के नेतृत्व के विकास की आवश्यकता पर जोर दिया, जिसमें भावी वैज्ञानिक नेताओं को मार्गदर्शन और मेंटरिंग प्रदान करना शामिल है। उन्होंने विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए उनका पोषण करने के महत्व पर भी जोर दिया, ताकि वे जिम्मेदार पेशेवरों और विज्ञान एवं समाज में भविष्य के योगदानकर्ताओं के रूप में विकसित हो सकें। संस्थागत कार्यप्रणाली में जवाबदेही पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को सौंपे गए कार्य के प्रति जिम्मेदार रहना चाहिए और उसे सौंपी गई जिम्मेदारियों में ईमानदारी से योगदान देना चाहिए।

कार्यक्रम के तहत स्वच्छता अभियान के दौरान आईसीएआर-आईएआरआई के स्नातकोत्तर विद्यालय छात्र संघ द्वारा आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए गए। प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों को कला के माध्यम से स्वच्छता और पर्यावरणीय जिम्मेदारी के संबंध में अपने विचार व्यक्त करने का अवसर प्रदान किया।

भाकृअनुप-एनएएआरएम, हैदराबाद में स्वच्छता विशेष अभियान 6.0 के तहत महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने और सफाई मित्रों के सम्मान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत स्वच्छ भारत दिवस के अवसर पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई।

स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत भाकृअनुप–सीएआरआई, झांसी में स्वच्छ भारत दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में स्वच्छता, साफ-सफाई, सामुदायिक भागीदारी और जिम्मेदार अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा देने पर ध्यान केन्द्रित किया गया। गतिविधि में स्वच्छ परिवेश बनाए रखने में सामूहिक कार्रवाई और श्रमदान के महत्व को रेखांकित किया गया। सफाई मित्रों और स्वच्छता कर्मियों के योगदान को भी स्वीकार किया गया तथा स्वच्छता और साफ-सफाई बनाए रखने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया गया। प्रतिभागियों को स्वच्छता को नियमित अभ्यास के रूप में अपनाने और स्वच्छ एवं स्वस्थ परिवेश बनाए रखने में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम का समापन स्वच्छता, टिकाऊ पद्धतियों और सामूहिक जिम्मेदारी के प्रति नए सिरे से प्रतिबद्धता के साथ हुआ।

“स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026” के तहत कर्मचारियों और नागरिकों को एक घंटे की स्वैच्छिक स्वच्छता सेवा (श्रमदान) में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करते हुए 02.10.2026 को भाकृअनुप-केन्द्रीय द्वीप कृषि अनुसंधान संस्थान, श्री विजय पुरम के एटीआईसी भवन के पीछे और पुराने टाइप III एवं IV क्वार्टरों के पास स्वच्छता अभियान एवं “एक पेड़ मां के नाम” के तहत साफ किए गए सीटीयू में पेड़ लगाकर शहरी हरित क्षेत्र विकसित करने का कार्यक्रम आयोजित किया गया। स्टाफ सदस्यों द्वारा वेस्ट इंडियन चेरी के लगभग 55 पौधे लगाए गए और क्षेत्र की सफाई भी की गई। कार्यक्रम में कुल 85 स्टाफ सदस्यों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।

(स्रोत: प्रेस सूचना ब्यूरो, विज्ञप्ति आईडी: 2318616)

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