मत्स्य विज्ञान प्रभाग के प्राथमिकता वाले क्षेत्र

मत्स्य पालन एवं जलीय कृषि के प्रमुख अनुसंधान एवं विकास कार्य

  1. फिनफिश, क्रस्टेशियंस, मोलस्क तथा अन्य महत्वपूर्ण जलीय जीवों के डेटाबेस का विकास और उन्नयन, जिसमें उनके आणविक पहलू भी शामिल हैं।
  2. खुले जल में मत्स्य प्रबंधन पर कंप्यूटर-आधारित मॉडल तैयार करने के लिए भू-स्थानिक डेटा और रिमोट सेंसिंग का उपयोग करके देश के संभावित मत्स्य संसाधनों का मानचित्रण।
  3. बदलती संसाधन संरचना और जलवायु परिस्थितियों के संदर्भ में खुले जल के मत्स्य संसाधनों के लिए सतत प्रबंधन मॉडल का विकास।
  4. मीठे पानी, खारे पानी एवं समुद्री पारिस्थितिकी तंत्रों की वाणिज्यिक और संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण प्रजातियों के बीज उत्पादन तथा ग्रो-आउट प्रौद्योगिकियों का विकास एवं उन्नयन।
  5. मीठे पानी, खारे पानी और समुद्री जलीय कृषि के लिए व्यावसायिक रूप से महत्वपूर्ण मत्स्य प्रजातियों का प्रजाति एवं प्रणाली विविधीकरण।
  6. चयनात्मक प्रजनन और मार्कर-सहायता प्राप्त चयन के माध्यम से वृद्धि, रोग प्रतिरोधक क्षमता तथा अन्य महत्वपूर्ण गुणों के लिए व्यावसायिक रूप से महत्वपूर्ण फिनफिश एवं शेलफिश प्रजातियों के स्टॉक में सुधार।
  7. मीठे पानी और समुद्री मूल की सजावटी फिनफिश तथा शेलफिश का प्रजनन एवं पालन।
  8. सजावटी प्रजातियों सहित विविध मत्स्य और शेलफिश प्रजातियों के विभिन्न जीवन चरणों के लिए लागत प्रभावी तथा पौष्टिक आहार का विकास।
  9. रोग प्रकोप के विरुद्ध तैयारी के लिए जलीय पशु रोग निगरानी करना।
  10. वर्तमान और उभरते रोगों के लिए निदान, टीकों तथा रोग प्रबंधन उपायों का विकास।
  11. संपूर्ण जीनोम अनुक्रमण और ट्रांसक्रिप्टोम विश्लेषण के माध्यम से महत्वपूर्ण मत्स्य एवं शेलफिश प्रजातियों के लिए जीनोमिक संसाधनों का विकास।
  12. अंतर्देशीय जलीय कृषि में जल बजटिंग।
  13. जिम्मेदार मत्स्य पालन के लिए पर्यावरण-अनुकूल मत्स्य नौकाओं और उपकरणों का विकास।
  14. मछली तथा मत्स्य अपशिष्ट से कटाई-पश्चात मूल्य संवर्धन।
  15. जलीय जीवों से औद्योगिक न्यूट्रास्यूटिकल उत्पादों का विकास।
  16. शमन उपायों के माध्यम से मछली की कटाई और कटाई-पश्चात हानियों में कमी।
  17. अंतर्देशीय लवणीय और सोडिक क्षेत्रों के लिए मत्स्य पालन प्रौद्योगिकी का विकास।
  18. मत्स्य पालन और जलीय कृषि के विभिन्न पहलुओं में उच्च शिक्षा तथा प्रशिक्षण के माध्यम से मानव संसाधन विकास।
  19. मत्स्य पालन एवं जलीय कृषि के विभिन्न मुद्दों के समाधान के लिए नीतिगत परामर्श।
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