1–3 सितंबर, 2026, मोतिहारी, बिहार
डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय (आरपीसीएयू), पूसा के अंतर्गत कृषि विज्ञान केन्द्र, पिपराकोठी द्वारा आयोजित तीन दिवसीय “पशुपालन एवं मत्स्य उद्यमी उन्नयन मेला–2026” गुरुवार को महात्मा गांधी सभागार में संपन्न हुआ। इस आयोजन में प्रौद्योगिकी-आधारित कृषि, किसान समृद्धि और ग्रामीण उद्यम विकास को बढ़ावा देने के लिए किसानों, वैज्ञानिकों, नीति-निर्माताओं, रक्षा कर्मियों और उद्यमियों को एक मंच पर लाया गया।
1 से 3 सितंबर, 2026 तक आयोजित इस मेले में किसान समृद्धि; कृषि, विज्ञान और राष्ट्रीय सेवा के अभिसरण; तथा पशुधन, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन और बागवानी में उद्यमिता पर केन्द्रित तीन विषयगत कार्यक्रम आयोजित किया गया।

उद्घाटन दिवस पर “किसान समृद्धि सम्मेलन एवं बुद्धिजीवी, श्रमजीवी, समाजसेवी सम्मान समारोह” आयोजित किया गया, जिसमें श्री सम्राट चौधरी, मुख्यमंत्री, बिहार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री; श्री सतीश चंद्र दुबे, केन्द्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री; तथा श्री राधा मोहन सिंह, मोतिहारी के सांसद और पूर्व केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों में शामिल थे।
डॉ. पी.एस. पांडे, कुलपति, आरपीसीएयू, पूसा; डॉ. आर.के. झा, निदेशक, प्रसार शिक्षा, आरपीसीएयू, पूसा; तथा विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले विधायक भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
पशुपालन, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन और बागवानी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रगतिशील किसानों को नवाचार और ग्रामीण उद्यमिता में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। आरपीसीएयू, भाकृअनुप संस्थानों, सरकारी विभागों, निजी संगठनों, स्वयं सहायता समूहों और नवाचारी किसानों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनियों में फसलों, पशुधन, मत्स्य पालन, कृषि मशीनरी, मूल्यवर्धन और उद्यमिता से संबंधित प्रौद्योगिकियों को प्रदर्शित किया गया।

दूसरे दिन “जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान सम्मेलन” आयोजित किया गया, जिसमें लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त), बिहार के राज्यपाल, मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। श्री राधा मोहन सिंह के साथ वरिष्ठ रक्षा अधिकारी, श्री रवि के., अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) तथा श्री मनोज जैन, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल), कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
राज्यपाल ने बीईएल के सहयोग से निर्मित होने वाले रक्षा एन्क्लेव प्रदर्शनी केंद्र की आधारशिला रखी और एचएएल द्वारा वित्तपोषित बालिका छात्रावास तथा रक्षा कैंटीन एवं स्टोर भवन का उद्घाटन किया। रक्षा एवं पुलिस कर्मियों, विद्यार्थियों और युवा उपलब्धि हासिल करने वालों को भी सम्मानित किया गया।
समापन दिवस पर “पशुपालक, मत्स्यपालक, मधुमक्खीपालक एवं बागवानी सम्मेलन” आयोजित किया गया, जिसमें श्री राधा मोहन सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। श्री मीनेश शाह, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड तथा श्री शीर्षत कपिल अशोक, सचिव, डेयरी, मत्स्य पालन एवं पशुपालन विभाग, बिहार सरकार, विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
एक प्रमुख घोषणा चंपारण में दूसरे मदर डेयरी संयंत्र की स्थापना थी, जिसमें अनुमानित ₹350 करोड़ का निवेश किया जाएगा। पिपराकोठी में एक मछली प्रसंस्करण इकाई, एक्वाकल्चर पार्क और शहद प्रसंस्करण सुविधा की योजनाओं पर भी प्रकाश डाला गया।

डेयरी सहकारी समितियों का विस्तार 6,500 गांवों तक करने और ₹25 करोड़ के नस्ल सुधार कार्यक्रम की भी घोषणा की गई, जो बिहार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में प्रसंस्करण, मूल्यवर्धन और संगठित विपणन के बढ़ते महत्व को रेखांकित करता है।
मेले का आयोजन आईसीएआर-अटारी, इफको, मोतिहारी, भाकृअनुप-सीआरआईडीए, भाकृअनुप-आरसीईआर पटना, डीएएचओ, बिहार सरकार, भाकृअनुप-एमजीआईएफआरआई, मदर डेयरी मोतिहारी, बापूधाम मिल्क प्रोड्यूसर्स कंपनी मोतिहारी और आत्मा (ATMA) मोतिहारी के सहयोग से किया गया।
प्रगतिशील पशुपालकों, मत्स्य किसानों, मधुमक्खी पालकों, बागवानी विशेषज्ञों, कृषि वैज्ञानिकों, विद्यार्थियों, मीडिया कर्मियों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे यह तीन दिवसीय आयोजन कृषि प्रौद्योगिकियों के प्रदर्शन, ग्रामीण नवप्रवर्तकों को सम्मानित करने तथा अनुसंधान, किसानों, उद्यमिता, मूल्यवर्धन और संगठित विपणन के बीच संबंधों को मजबूत करने का एक मंच बन गया।







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