भाकृअनुप-सीसीएआरआई, गोवा ने सुपर नेपियर घास से वर्षभर हरा चारा उत्पादन पर फील्ड डे का किया आयोजन

भाकृअनुप-सीसीएआरआई, गोवा ने सुपर नेपियर घास से वर्षभर हरा चारा उत्पादन पर फील्ड डे का किया आयोजन

21 अप्रैल, 2026, गोवा

भाकृअनुप-कृषि विज्ञान केन्द्र, उत्तर गोवा, भाकृअनुप–केन्द्रीय तटीय कृषि अनुसंधान संस्थान (भाकृअनुप –सीसीएआरआई), गोवा, ने आज उत्तर गोवा के वालपोई तालुका के केरी में सुपर नेपियर घास के माध्यम से वर्षभर हरा चारा उत्पादन विषय पर फील्ड डे आयोजित किया। यह कार्यक्रम पशुपालन एवं पशु चिकित्सा सेवा विभाग, गोवा डेयरी, कृषि विभाग तथा आत्मा, उत्तर गोवा के सहयोग से आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य उन्नत चारा उत्पादन तकनीकों का प्रदर्शन करना, डेयरी खेती में हरे चारे के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा टिकाऊ पशुधन उत्पादन के लिए अधिक उपज देने वाली बहुवर्षीय चारा फसलों को अपनाने के लिए किसानों को प्रेरित करना था।

ICAR-CCARI, Goa Organises Field Day on Year-Round Green Fodder Production Using Super Napier Grass

कार्यक्रम में वर्षभर हरे चारे के उत्पादन के महत्व पर प्रकाश डाला गया, जिससे सभी मौसमों में पशुओं के लिए पौष्टिक आहार की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। बताया गया कि इससे पशुओं का स्वास्थ्य एवं उत्पादकता बेहतर बनी रहती है तथा महंगे सघन आहार पर निर्भरता कम होती है, जिससे दूध उत्पादन लागत घटती है। साथ ही, मौसमी चारा फसलें, वार्षिक एवं बहुवर्षीय दलहनी चारा फसलें, चारा वृक्ष तथा साइलेज निर्माण को अपनाकर पूरे वर्ष चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।

सुपर नेपियर की खेती की तकनीकों जैसे रोपण विधि, पोषक तत्व प्रबंधन, सिंचाई, कटाई तथा संरक्षण विधियों की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके लाभों में अधिक जैव द्रव्यमान उत्पादन, तेज वृद्धि, कई बार कटाई, पत्ती-तना अनुपात अधिक होना तथा गर्म एवं आर्द्र जलवायु के लिए उपयुक्तता को रेखांकित किया गया। हरे चारे की भूमिका पशु स्वास्थ्य, पाचन क्षमता तथा दूध उत्पादन बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण बताई गई।

केरी के प्रगतिशील किसान श्री प्रशांत राणे ने जीवामृत और घन जीवामृत जैसे जैविक इनपुट्स के उपयोग से सुपर नेपियर की खेती के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि वे 1.5 एकड़ भूमि पर चारा उत्पादन कर रहे हैं, जिससे अपनी आवश्यकता पूरी करने के साथ अतिरिक्त चारा पड़ोसी किसानों को भी बेचते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वे कम उत्पादन अवधि के दौरान चारे की उपलब्धता बनाए रखने के लिए उत्तर गोवा के कृषि विज्ञान केंद्र के मार्गदर्शन में साइलेज भी तैयार करते हैं।

ICAR-CCARI, Goa Organises Field Day on Year-Round Green Fodder Production Using Super Napier Grass

यह फील्ड डे किसान-वैज्ञानिक संवाद का प्रभावी मंच साबित हुआ। किसानों ने खेत में फसल के प्रदर्शन का अवलोकन किया, अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया तथा प्रदर्शित तकनीक पर संतोष व्यक्त किया। कई प्रतिभागियों ने सुपर नेपियर की खेती अपनाने में गहरी रुचि दिखाई।

कार्यक्रम में कुल 29 किसानों ने भाग लिया, जिनमें 28 पुरुष तथा 1 महिला शामिल थीं।

(स्रोत: भाकृअनुप–केन्द्रीय तटीय कृषि अनुसंधान संस्थान, गोवा)

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